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नई दिल्ली : भारत के मुख्य कोच रवि शास्त्री का मानना है कि सिर्फ महेंद्र सिंह धोनी को पता है कि उनका शरीर ब्रेक के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की कठोरता का सामना कर पाएगा या नहीं। उन्होंने साथ ही कहा कि अगले साल होने वाले टी-20 विश्व कप के लिए लोकेश राहुल ‘विकेटकीपिंग के लिए गंभीर विकल्प’ हैं और ऋषभ पंत को ‘धैर्य रखने’ की जरूरत है। पंत पिछले कुछ समय से अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं जबकि धोनी के अंतरराष्ट्रीय भविष्य को लेकर संशय बरकरार है और ऐसे में शास्त्री ने आस्ट्रेलिया में होने वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के लिए राहुल को दोहरी भूमिका देने की संभावना से इनकार नहीं किया।

धोनी ने किया समझदारी भरा काम

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शास्त्री ने इंडिया टुडे के कार्यक्रम ‘इस्पिरेशन’ पर कहा कि यह समझदारी भरा है (धोनी का ब्रेक लेना)। मुझे उस समय का इंतजार है जब वह दोबारा खेलना शुरू करेगा (आईपीएल के आसपास)। मुझे नहीं लगता कि वह वनडे क्रिकेट में खेलने को लेकर अधिक उत्सुक है। वह टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुका है। टी-20 विकल्प है। यह प्रारूप पूरी तरह से उसके अनुकूल है। लेकिन क्या उसका शरीर कड़ी चुनौतियों का सामना करना पाएगा, इसका जवाब वही दे सकता है।

केएल राहुल हो सकते हैं बेहतर विकल्प

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शास्त्री का हालांकि मानना है कि राहुल विकल्प के रूप में उभर सकता है क्योंकि वह आईपीएल के अलावा सीमित ओवरों के घरेलू क्रिकेट में कर्नाटक के लिए विकेटकीपिंग करते हैं। यह पूछने पर कि क्या राहुल विकल्प होगा, शास्त्री ने कहा कि बेशक वह विकल्प होगा। आपको देखना होगा कि आपका मजबूत पक्ष क्या है।

शास्त्री ने कहा कि कल मध्यक्रम में ऐसे कुछ खिलाड़ी हो सकते हैं जो आईपीएल में अविश्वसनीय पारियां खेलें। इसके अलावा अगर आपके पास कोई ऐसा खिलाड़ी है जो कई काम कर सकता है, जिसे शीर्ष क्रम में उतारा जा सकता है क्योंकि उसके बाद उम्दा बल्लेबाज हैं जो बेहद अच्छा कर रहे हैं तो फिर क्यों नहीं।

पंत को ठोस बल्लेबाजी करनी चाहिए

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यह पूछने पर कि वह पंत से क्या उम्मीद करते हैं, शास्त्री ने कहा कि आपको फायदा उठाना होगा। आपकी बल्लेबाजी ठोस होनी चाहिए। आप यह नहीं सोच सकते कि पहली ही गेंद से वह हो जाए जो आप चाहते हैं। नहीं, ऐसा नहीं होगा। खेल आपको सिखाता है। पागलपन की भी एक प्रक्रिया है और आपको यह प्रक्रिया सीखनी होगी।

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