स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय घरेलू क्रिकेट में एक बेहद दुर्लभ और ऐतिहासिक पल देखने को मिला, जब रणजी ट्रॉफी 2025-26 के क्वार्टर-फाइनल में एक भारतीय बल्लेबाज 299 रन पर आउट हो गया। खास बात यह रही कि यह उपलब्धि हासिल करने वाला खिलाड़ी अब तक कोई भी इंटरनेशनल मैच नहीं खेल पाया है। करीब 20 साल बाद ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में एक नया अध्याय जोड़ दिया। इस मैराथन पारी ने न सिर्फ़ मैच का रुख बदला, बल्कि भारतीय घरेलू क्रिकेट की गहराई और गुणवत्ता को भी उजागर किया।
टॉस का फैसला और आंध्र की पहली पारी
कल्याणी में खेले जा रहे रणजी ट्रॉफी क्वार्टर-फाइनल में बंगाल के कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। उनका यह निर्णय पूरी तरह सही साबित हुआ। बंगाल के गेंदबाजों ने अनुशासित प्रदर्शन करते हुए आंध्र प्रदेश की टीम को 295 रन पर समेट दिया। आंध्र की ओर से कप्तान रिकी भुई ने सबसे ज़्यादा 83 रन बनाए, लेकिन अन्य बल्लेबाज़ बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। बंगाल के लिए मुकेश कुमार ने 5/66 और आकाश दीप ने 4/79 के आंकड़े दर्ज कर मैच पर पकड़ बना ली।
घरामी की ऐतिहासिक मैराथन पारी
आंध्र की पारी सिमटने के बाद बंगाल की बल्लेबाज़ी में जो हुआ, वह लंबे समय तक याद रखा जाएगा। दूसरे दिन दोपहर में पहला विकेट गिरने के बाद बल्लेबाजी करने आए घरामी ने क्रीज पर डेरा जमा लिया। उन्होंने पूरे दो दिन तक बल्लेबाजी की और 596 गेंदों का सामना किया, जो करीब 99 ओवर से भी ज्यादा समय तक चली पारी थी। इस दौरान उन्होंने 31 चौके और 6 छक्के जड़ते हुए गेंदबाजों को थका दिया।
इस दशक की सबसे लंबी फर्स्ट-क्लास पारी
घरामी की यह पारी फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में इस दशक की सबसे लंबी पारी बन गई। इससे पहले यह रिकॉर्ड मध्य प्रदेश के यश दुबे के नाम था, जिन्होंने 2021/22 सीज़न में केरल के खिलाफ 591 गेंदों में 289 रन बनाए थे। घरामी ने उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए साबित कर दिया कि धैर्य और तकनीक का सही मेल आज भी लंबी पारियों की कुंजी है।
तिहरे शतक से एक रन दूर
हालांकि, इस ऐतिहासिक पारी में किस्मत ने घरामी का पूरी तरह साथ नहीं दिया। वह देबांग गांधी (323) और मनोज तिवारी (303 नाबाद) के बाद बंगाल के तीसरे तिहरा शतक लगाने वाले बल्लेबाज़ बनने से सिर्फ़ एक रन दूर रह गए। 299 रन पर आउट होना किसी भी बल्लेबाज़ के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण होता है, लेकिन इसके बावजूद यह पारी इतिहास में दर्ज हो गई।
फर्स्ट-क्लास क्रिकेट का दुर्लभ रिकॉर्ड
घरामी फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में 299 रन पर आउट होने वाले सिर्फ तीसरे बल्लेबाज और पहले भारतीय बन गए हैं। उनसे पहले यह दुर्लभ घटना मार्टिन क्रो और माइक पॉवेल के साथ हो चुकी है। वहीं डॉन ब्रैडमैन और शांतनु सुगवेकर इसी स्कोर पर नाबाद लौटे थे। यह आंकड़ा अपने आप में इस पारी की खासियत को दर्शाता है।
करियर का पहला दोहरा शतक
यह घरामी के फर्स्ट-क्लास करियर का सातवां शतक था, जो उन्होंने अपने 38वें मैच में लगाया। खास बात यह रही कि यह उनका पहला दोहरा शतक भी था। इससे पहले उनका सर्वोच्च स्कोर 186 रन था, जिसे उन्होंने इस मैच में काफी पीछे छोड़ दिया।
सेमीफाइनल में पहुंचा बंगाल
घरामी की ऐतिहासिक पारी की बदौलत बंगाल ने पहली पारी में 629 रन बनाए और विशाल बढ़त हासिल की। इसी बढ़त के आधार पर बंगाल ने रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। खबर लिखे जाने तक आंध्र की दूसरी पारी 21/1 पर चल रही थी, लेकिन मैच का नतीजा लगभग तय माना जा रहा था।