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मुंबई : भारतीय क्रिकेट के महाराजा कहे जाने वाले बंगाल टाइगर सौरभ गांगुली की भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड में दादागिरी चलने तय हो गई है। गांगुली ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बी.सी.सी.आई.) के अध्यक्ष पद के लिए सोमवार को नामांकन दाखिल किया। इस प्रतिष्ठित पद के लिए उनका निॢवरोध चुना जाना तय है। बोर्ड चुनावों के लिए नामांकन भरने की आज आखिरी तारीख थी।


पूर्व भारतीय कप्तान गांगुली के खिलाफ अध्यक्ष पद के लिए कोई और नामांकन नहीं है, इसलिए उनका बी.सी.सी.आई. का नया बॉस बनना तय है। बी.सी.सी.आई. चुनाव 23 अक्तूबर को होंगे और इस चुनाव के लिए नामांकन करने की आखिरी तारीख 14 अक्तूबर थी।
गांगुली ने आई.पी.एल. के पूर्व कमिश्नर राजीव शुक्ला के साथ यहां नामांकन दाखिल किया। गांगुली ने 400 से ज्यादा अंतररष्ट्रीय मैचों में भारत का प्रतिन्धित्व किया और वह 5 वर्षों तक भारतीय टीम के कप्तान भी रहे।
इस बीच राजीव शुक्ला ने बताया कि चुनावों के लिए नामांकन भरने के लिए आज आखिरी तारीख थी। अधिकतर सदस्यों ने आठ पदों पर उन लोगों को समर्थन दिया है जिनके नामांकन पत्र सोमवार को दाखिल किए गए, उसमें गांगुली का भी नाम है।
बोर्ड की छवि है खराब, इसे सुधारूंगा

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निश्चित तौर पर यह बहुत अच्छा अहसास है क्योंकि मैंने देश के लिए खेला है और कप्तान रहा हूं। मैं ऐसे समय में कमान संभालने जा रहा हूं जब पिछले तीन साल से बोर्ड की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। इसकी छवि बहुत खराब हुई है। मेरे लिए यह कुछ अच्छा करने का सुनहरा मौका है। इसे सुधारने का प्रयास करना चाहूंगा। मेरी प्राथमिकता प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों की देखभाल होगी। अभी मैंने भारतीय क्रिकेट के सभी पक्षों से मिलना है। रणनीति तैयार करनी है। बहुत सारे काम करने हैं जो पिछले 33 महीने में प्रशासकों की समिति नहीं कर सकी है।

प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों की स्थिति करूंगा बेहतर

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गांगुली ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में बीसीसीआई में जो खराब हालात थे उन्हें सुधारना और प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों की स्थिति को बेहतर करना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा- यह हमारा दायित्व है कि सभी तरह की चीजें सही तरीके से हों। मेरे लिए हालांकि प्राथमिकता प्रथम श्रेणी क्रिकेट खिलाडिय़ों को बेहतर सुविधाएं मुहैया करना होगी। साथ ही कोशिश होगी कि सभी चीजें अपनी जगह पर रहें।

10 महीनों के लिए मिला अध्यक्ष पद

47 वर्षीय गांगुली ने नामांकन दाखिल करने के बाद संवाददातों से कहा कि निश्चित तौर पर यह बहुत अच्छा अहसास है, क्योंकि वह देश के लिए खेले और कप्तान भी रहे। अध्यक्ष पद की दौड़ में बृजेश पटेल को पछाडऩे के बाद अब दादा इस पद के अकेले उम्मीदवार रह गए हैं। हालांकि बी.सी.सी.आई. नियमों के अनुसार अनिवार्य कूलिंग ऑफ अवधि के कारण उन्हें जुलाई 2020 में पद छोडऩा होगा। गांगुली के पास अध्यक्ष पद पर ज्यादा समय नहीं रहेगा। बी.सी.सी.आई. के नए संविधान के अनुसार किसी पदाधिकारी को तीन साल की कूङ्क्षलग ऑफ अवधि में जाना पड़ेगा यदि उसने किसी राज्य संघ या बीसीसीआई स्तर पर लगातार छह वर्ष पूरे कर लिए हों।

बी.सी.सी.आई. में मिला परिवारवाद को बढ़ावा, पूर्व अधिकारियों के रिश्तेदार काबिज
बी.सी.सी.आई. के नए पदों पर जो भर्ती हुई है वह सीधे तौर पर परिवारवाद को बढ़ावा दे रही है। सचिव के लिए बी.सी.सी.आई. में नौ साल का अनुभव रखने वाले जयेश शाह, उपाध्यक्ष पद के लिए उत्तराखंड़ के महेश वर्मा का नाम है। संयुक्त सचिव के लिए केरल से जयेश जॉर्ज का नाम है जबकि कोषाध्यक्ष के लिए अरुण धूमल का नाम है। इसके अलावा बृजेश पटेल को आईपीएल अध्यक्ष चुना जाना तय है। जय शाह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बेटे हैं जबकि अरुण धूमल बी.सी.सी.आई. के पूर्व अध्यक्ष और मौजूदा केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के भाई हैं। पूर्व भारतीय कोच अंशुमान गायकवाड इस बीच कीॢत आजाद को परास्त कर बी.सी.सी.आई. की नौ सदस्यीय सर्वोच परिषद में आई.सी.ए. के पुरुष प्रतिनिधि चुन लिए गए जबकि शांता रंगास्वामी पहले ही निॢवरोध महिला आई.सी.ए. प्रतिनिधि चुनी जा चुकी हैं। उल्लेखनीय है कि सभी संघों ने ये फैसले सर्वसम्मति से लिए हैं जिससे ये उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए जाएंगे। नए पदाधिकारियों को 23 अक्टूबर को चुने जाने के साथ प्रशासकों की समिति खत्म हो जाएगी।

बोर्ड रूम राजनीति नहीं पता: गांगुली बोले- जब मैं आया तो मुझे पता नहीं था कि मैं अध्यक्ष बनूंगा। पत्रकारों ने मुझसे पूछा तो मैंने बृजेश का नाम लिया। मुझे बाद में पता चला कि हालात बदल गए हैं। मैंने कभी चुनाव नहीं लड़ा तो मुझे नहीं पता कि बोर्ड रूम राजनीति क्या होती है।
गृहमंत्री से की थी मुलाकात  : गांगुली ने शनिवार को गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी । यह पूछने पर कि पश्चिम बंगाल में चुनाव में क्या वह भाजपा के लिए प्रचार करेंगे, उन्होंने ना में जवाब दिया। उन्होंने कहा-ऐसा कुछ नहीं है। मुझसे किसी ने कुछ नहीं कहा।
 

मुझे बताया गया कि मैं अध्यक्ष हूं और मेरी टीम यह रहेगी

बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष जगमोहन डालमिया का जिक्र आने पर भावुक हुए गांगुली ने कहा, ‘‘मैंने कभी सोचा नहीं था कि इस पद पर मैं भी काबिज होऊंगा। वह मेरे लिए पितातुल्य थे। क्या यह अनुभव कप्तानी से अलग होगा, यह पूछने पर गांगुली ने कहा, ‘‘भारतीय टीम का कप्तान होने से बढ़ कर कुछ नहीं है। गांगुली ने कहा, ‘‘मैंने इस पद के लिए कभी भी अपनी इच्छा जाहिर नहीं की थी। मौजूदा हालात और लोगों ने मुझे यहां तक पहुंचाया है। मुझे बताया गया कि मैं अध्यक्ष हूं और मेरी टीम यह रहेगी। मुझे सदस्यों ने चुना है। सदस्य ही हमेशा चुनते हैं। उन्होंने मुझे चुना तो मैंने हां कहा। गांगुली ने खिलाड़यिों के प्रशासन में आने की बात पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘यह अच्छी बात है कि खिलाड़ी अब प्रशासन का हिस्सा हैं।

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