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कोलंबो : भारतीय उप-कप्तान भुवनेश्वर कुमार ने कहा कि दीपक चाहर को बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेजना कोच राहुल द्रविड़ का फैसला था और यहां दूसरे एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में मंगलवार को श्रीलंका के खिलाफ ‘शानदार' पारी खेलकर टीम को तीन विकेट से जीत दिलाकर उन्होंने इसे सही साबित किया। चाहर ने नाबाद 69 रन की पारी खेलने के अलावा भुवनेश्वर (नाबाद 19) के साथ आठवें विकेट के लिए 84 रन की अटूट साझेदारी करके भारत को तीन मैचों की एक दिवसीय श्रृंखला में 2-0 की विजयी बढ़त दिला दी। 

भुवनेश्वर ने मैच के बाद आनलाइन प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘हमारा लक्ष्य अंतिम ओवर, अंतिम गेंद तक खेलना था इसलिए हम मैच को अंत तक ले जाना चाहते थे। एकमात्र योजना अंत तक खेलने की थी और दीपक ने जिस तरह की बल्लेबाजी की वह शानदार थी।' उन्होंने कहा, ‘वह कोच राहुल द्रविड़ के मार्गदर्शन में भारत ए की ओर से या किसी सीरीज में खेल चुका है और उसने वहां भी रन बनाए थे। इसलिए द्रविड़ को पता था कि वह बल्लेबाजी कर सकता है इसलिए यह द्रविड़ का फैसला था।' 

भुवनेश्वर ने कहा, ‘और चाहर ने जिस तरह की बल्लेबाजी की उसने इसे सही साबित किया। हम सभी को पता है कि वह बल्लेबाजी कर सकता है, उसने रणजी ट्रॉफी में कई बार बल्लेबाजी की है।' श्रीलंका के 276 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 193 रन पर सात विकेट गंवा दिए थे लेकिन चाहर और भुवनेश्वर ने भारत को पांच गेंद शेष रहते यादगार जीत दिला दी। भुवनेश्वर ने कहा, ‘हम यही बात कर रहे थे कि हमें अंत तक खेलना है। हमने एक दूसरे से कभी नहीं कहा कि यहां से हम जीत दर्ज कर सकते हैं। यहां तक कि जब हमें एक रन (तीन रन) की जरूरत थी तो भी हम एक बार में एक गेंद की बात कर रहे थे। दीपक ने कभी रन गति को छह से ऊपर नहीं जाने दिया।' 

उन्होंने कहा, ‘उसने लगभग सभी शॉट बिना जोखिम उठाए खेले। हमने कभी नहीं सोचा कि हम जीतने या हारने वाले हैं। हम स्थिति के अनुसार खेल रहे थे और एक बार में एक गेंद पर ध्यान दे रहे थे।' भुवनेश्वर ने कहा कि पहली बार सीनियर टीम को कोचिंग दे रहे द्रविड़ टीम के प्रदर्शन से बेहद खुश हैं। इस तेज गेंदबाज ने कहा, ‘आप दबाव में आ सकते हैं, विशेषकर जब आप बाहर से बैठकर देख रहे हैं, आम तौर पर ऐसा होता है। जब मैं बल्लेबाजी कर रहा था तो मैंने उन्हें नहीं देखा लेकिन जब वह नीचे आए तो उन्होंने हम दोनों और पूरी टीम को बधाई दी।' उन्होंने कहा, ‘वह काफी खुश थे, विशेषकर हमने जिस तरह का प्रदर्शन किया उससे। जब हमने पांच-छह विकेट गंवा दिए थे और उसके बाद दीपक ने जैसी बल्लेबाजी की।' 

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