स्पोर्ट्स डेस्क : 2026 पुरुष T20 वर्ल्ड कप से पहले साउथ अफ्रीका को लेकर उम्मीदें तेज़ हो गई हैं। पूर्व ऑलराउंडर जेपी डुमिनी का मानना है कि इस बार प्रोटीज के पास लंबे समय से चला आ रहा खिताबी सूखा खत्म करने का सुनहरा अवसर है। हाल के महीनों में व्हाइट-बॉल क्रिकेट में टीम के लगातार अच्छे प्रदर्शन, मजबूत स्क्वाड और कप्तान एडेन मार्करम की शानदार फॉर्म ने साउथ अफ्रीका को टूर्नामेंट का एक गंभीर दावेदार बना दिया है।
अब तक खिताब से दूर रही है साउथ अफ्रीका
साउथ अफ्रीका की टीम ने अब तक किसी भी ICC व्हाइट-बॉल वर्ल्ड कप में खिताब नहीं जीता है। T20 वर्ल्ड कप में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2024 संस्करण में देखने को मिला, जब वे फाइनल तक पहुंचे लेकिन भारत के खिलाफ बारबाडोस में सात रन से हार गए। उस हार के बावजूद, टीम ने जिस तरह का क्रिकेट खेला, उसने यह संकेत दे दिया था कि प्रोटीज अब खिताब के काफी करीब हैं।
जेपी डुमिनी का बड़ा बयान
पूर्व साउथ अफ्रीकी ऑलराउंडर जेपी डुमिनी ने कहा कि मौजूदा टीम संतुलित है और हालिया फॉर्म उसे टूर्नामेंट में आगे तक ले जाने में मदद कर सकता है। उनके मुताबिक, पिछले एक साल में साउथ अफ्रीका ने खासतौर पर लिमिटेड ओवर्स फॉर्मेट में निरंतर अच्छा प्रदर्शन किया है। डुमिनी का मानना है कि यह वही समय हो सकता है जब साउथ अफ्रीका व्हाइट-बॉल क्रिकेट में अपनी छवि बदल दे।
शुक्री कॉनरैड के दौर की पहली बड़ी परीक्षा
आने वाला T20 वर्ल्ड कप शुक्री कॉनरैड के कोच रहते हुए साउथ अफ्रीका का पहला ICC व्हाइट-बॉल टूर्नामेंट होगा। कॉनरैड ने जुलाई 2025 में सभी फॉर्मेट के मुख्य कोच का पद संभाला था। उनके मार्गदर्शन में टीम ने आक्रामक लेकिन संतुलित क्रिकेट खेला है, जिससे खिलाड़ियों में आत्मविश्वास साफ नजर आता है।
कप्तान एडेन मार्करम की फॉर्म अहम
डुमिनी ने इस बात पर खास जोर दिया कि कप्तान एडेन मार्करम का फॉर्म पूरे अभियान की दिशा तय कर सकता है। मार्करम हाल ही में SA20 लीग में डरबन सुपर जायंट्स के लिए शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं, जहां उन्होंने नौ मैचों में 309 रन बनाए। इसके अलावा, वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले T20I में उनकी नाबाद 86 रनों की पारी ने उनकी लय को और मजबूत किया है।
ग्रुप स्टेज में कड़ी चुनौती
साउथ अफ्रीका अपने अभियान की शुरुआत 9 फरवरी को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में कनाडा के खिलाफ करेगा। इसके बाद उन्हें ग्रुप डी में अफगानिस्तान, न्यूजीलैंड और UAE जैसी टीमों से भिड़ना है। यह ग्रुप आसान नहीं माना जा रहा, लेकिन डुमिनी का मानना है कि अगर टीम अपने प्लान पर कायम रही तो नॉकआउट तक पहुंचना मुश्किल नहीं होगा।
वर्ल्ड लेजेंड्स प्रो टी20 में डुमिनी का अनुभव
इन दिनों गोवा में वर्ल्ड लेजेंड्स प्रो T20 लीग खेल रहे डुमिनी ने इस अनुभव को खास बताया। उन्होंने कहा कि पुराने साथियों के साथ दोबारा मैदान साझा करना, ड्रेसिंग रूम की मस्ती और प्रतिस्पर्धा की भावना सब कुछ फिर से जीवंत कर देती है। उनके अनुसार, उम्र चाहे जो भी हो, जीतने की भूख कभी खत्म नहीं होती।