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चेन्नई : न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने टी20 विश्व कप अभियान से पहले अपनी तेज गेंदबाजी इकाई पर पूरा भरोसा जताया है। उनका मानना है कि टीम के तेज गेंदबाज पावरप्ले और डेथ ओवरों में विपक्षी बल्लेबाजों पर लगाम कसने में अहम भूमिका निभाएंगे, जहां आमतौर पर रन तेजी से निकलते हैं।

तेज गेंदबाजी में विकल्पों की भरमार

न्यूजीलैंड के तेज आक्रमण में मैट हेनरी, लॉकी फर्ग्यूसन, काइल जैमीसन, जैकब डफी और ऑलराउंडर जेम्स नीशाम शामिल हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में सैंटनर ने कहा कि भारतीय पिचों पर ज्यादा लेटरल मूवमेंट नहीं मिलता, इसलिए स्विंग और उछाल बेहद अहम हो जाता है।

हर गेंदबाज की अलग खासियत

सैंटनर के अनुसार, लॉकी फर्ग्यूसन की रफ्तार, जैमीसन की दोनों ओर स्विंग कराने की क्षमता, मैट हेनरी की इनस्विंग और जैकब डफी की स्विंग गेंदबाजी टीम को अलग-अलग विकल्प देती है। उन्होंने कहा कि परिस्थितियों के हिसाब से सही गेंदबाजों का चयन करना अहम होगा।

भारत के खिलाफ सीरीज से मिली सीख

भारत के खिलाफ हाल में हारी गई पांच मैचों की टी20 सीरीज के बावजूद सैंटनर ने कहा कि टीम को कई सकारात्मक बातें सीखने को मिलीं। खासकर पावरप्ले में भारतीय बल्लेबाजों के आक्रामक रवैये ने यह दिखा दिया कि शुरुआती ओवरों में विकेट निकालना कितना जरूरी होगा।

पावरप्ले बनेगा विश्व कप की थीम

सैंटनर का मानना है कि इस टी20 विश्व कप में पावरप्ले में आक्रामक बल्लेबाजी एक बड़ी थीम होगी। उन्होंने कहा कि दो-तीन शुरुआती विकेट लेकर ही विपक्षी टीम की रनगति को धीमा किया जा सकता है।

श्रीलंका की परिस्थितियों पर नजर

उन्होंने यह भी कहा कि श्रीलंका की परिस्थितियां भारत से थोड़ी अलग हो सकती हैं। अगर पिच सपाट रहती है तो शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को बड़े रन बनाने होंगे और गेंदबाजों को ज्यादा से ज्यादा विकेट लेने पर फोकस करना होगा।