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विशाखापत्तनम : दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बुधवार से यहां शुरू हो रहे पहले क्रिकेट टेस्ट में भारत इस उम्मीद के साथ उतरेगा कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले रोहित शर्मा अपनी इस फार्म को टेस्ट क्रिकेट में सलामी बल्लेबाज के रूप में दोहरा पाएंगे। टेस्ट सीरीज से पहले रोहित को सलामी बल्लेबाज के रूप में उतारने के प्रयोग से वांछित नतीजे नहीं मिले और सीरीज से पहले दक्षिण अफ्रीका के एकमात्र अभ्यास मैच में पारी का आगाज करते हुए वह खाता खोले बिना ही पवेलियन लौट गए। 

रोहित की बेहतरीन फार्म को देखते हुए युवराज सिंह सहित कई पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि मुंबई के इस बल्लेबाज को सभी प्रारूपों में खेलना चाहिए और उन्हें टेस्ट सलामी बल्लेबाज के रूप में अधिक मौके मिलने चाहिए। वेस्टइंडीज दौरे पर उन्हें 2 टेस्ट की सीरीज के दौरान मध्यक्रम में जगह नहीं मिली लेकिन खराब फार्म के कारण लोकेश राहुल को बाहर किए जाने के कारण भारत को उम्मीद होगी कि मयंक अग्रवाल के साथ मिलकर रोहित शीर्ष पर स्थिर जोड़ी बनाएंगे। 

पहले टेस्ट से पूर्व नेट सत्र के दौरान सभी की नजरें रोहित पर टिकी थी जो मौके का फायदा उठाने और अपने टेस्ट रिकार्ड में सुधार के लिए प्रतिबद्ध दिखे। रोहित ने अब तक 27 टेस्ट में 39.62 की औसत से 1585 रन बनाए हैं जबकि सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनके नाम पर 10000 से अधिक रन दर्ज हैं। इसके अलावा सभी की नजरें इस पर भी होंगी कि भारत की ओर से विकेटकीपर की भूमिका कौन निभाएगा। 

बल्ले से प्रदर्शन में निरंतरता नहीं होने के बावजूद पंत तीनों प्रारूपों में भारत की पहली पसंद बने हुए हैं लेकिन फिट होने के बाद रिद्धिमान साहा उनकी जगह लेने को तैयार हैं। इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया में शतक जड़ने वाले पंत ने भारत की टेस्ट टीम में अपनी जगह पक्की की थी लेकिन साहा पूरी तरह से फिट होने के बाद मौके का इंतजार कर रहे हैं और ऐसे में यह युवा क्रिकेटर चीजों को हल्के में नहीं ले सकता। साहा के टीम में शामिल होने के बावजूद पंत वेस्टइंडीज में दोनों टेस्ट में खेले लेकिन पूरी संभावना है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ साहा को मौका मिलेगा। 

बाकी टीम लगभग तय नजर आती है। भारत इस मैच में दो तेज गेंदबाजों और इतने ही स्पिनरों के साथ उतर सकता है। अगर विकेट से टर्न मिलता है तो हनुमा विहारी तीसरे स्पिनर की भूमिका निभा सकते हैं। जसप्रीत बुमराह का बाहर होना भारत के लिए बड़ा झटका है लेकिन इशांत शर्मा और मोहम्मद शमी की जोड़ी उनकी गैरमौजूदगी में भी पूरी तरह से सक्षम है। वेस्टइंडीज के खिलाफ अंतिम एकादश में रविंद्र जडेजा के रूप में एकमात्र स्पिनर को टीम में जगह मिली थी और देखना होगा कि रविचंद्रन अश्विन और कुलदीप यादव में से कौन उनके साथ स्पिन जोड़ी बनाता है। 

दक्षिण अफ्रीका की टीम भारत दौरे पर कुछ नए खिलाड़ियों को साथ आई है और उसके खिलाफ मेजबान टीम को जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। कप्तान फाफ डु प्लेसिस सहित मौजूदा टीम के सिर्फ पांच खिलाड़ी पिछली बार भारत दौरे पर आई टीम का हिस्सा थे, जिसे तब टेस्ट सीरीज में 0-3 से हार का सामना करना पड़ा था। दक्षिण अफ्रीका को काफी लोग सीरीज में जीत का दावेदार नहीं मान रहे, विशेषकर अगर गेंद टर्न लेने लगे तब। एडन मार्कराम और तेंबा बावुमा ने अभ्यास मैच में उम्दा पारियां खेली और इससे मैच से पूर्व उनका आत्मविश्वास बढ़ा होगा। 

कागिसो रबादा, वर्नन फिलेंडर और लुंगी एनगिडी की तेज गेंदबाजी तिकड़ी भारतीय बल्लेबाजों को परेशान कर सकती है विशेषकर मैच के पांचों दिन बादल छाए रहने और बारिश की भविष्यवाणी के कारण। भारत घरेलू सरजमीं पर रिकार्ड लगातार 11वीं टेस्ट श्रृंखला जीतने के इरादे से उतरेगा और उसे दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाजी आक्रमण से बचना होगा। 

टीमें इस प्रकार हैं: 

भारत : विराट कोहली (कप्तान), मयंक अग्रवाल, रोहित शर्मा, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, हनुमा विहारी, ऋषभ पंत, रिद्धिमान साहा, रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मोहम्मद शमी, उमेश यादव, इशांत शर्मा और शुभमन गिल। 

दक्षिण अफ्रीका : फाफ डु प्लेसिस (कप्तान), तेम्बा बावुमा, थ्युनिस डि ब्रुयिन, क्विंटन डिकाक, डीन एल्गर, जुबैर हमजा, केशव महाराज, एडन मार्कराम, सेनुरन मुथुसामी, लुंगी एनगिडी, एरिक नॉर्टजे, वरनन फिलेंडर, डेन पीट, कागिसो रबादा और रूडी सेकेंड। 

समय : मैच सुबह 9 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगा।