स्पोर्ट्स डेस्क : भारत T20 वर्ल्ड कप 2026 में खिताब बचाने के इरादे से उतरेगा और मौजूदा फॉर्म को देखते हुए टीम इंडिया को टूर्नामेंट का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। दुनिया की नंबर-1 T20I टीम ने पिछले एक साल में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन पूर्व कप्तान रोहित शर्मा का मानना है कि यह सफर उतना सरल नहीं होगा जितना बाहर से दिखता है। वर्ल्ड कप से पहले रोहित ने उस अहम चुनौती की ओर इशारा किया है, जो टीम मैनेजमेंट के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बन सकती है।
भारत फेवरेट, लेकिन चुनौती बरकरार
टीम इंडिया मौजूदा समय में T20I क्रिकेट की सबसे संतुलित और मजबूत टीमों में गिनी जाती है। बल्लेबाजी में गहराई, ऑलराउंडरों की भरमार और बेहतरीन गेंदबाजी विकल्प भारत की ताकत हैं। यही वजह है कि फैंस और एक्सपर्ट्स भारत को सेमीफाइनल तक का पक्का दावेदार मान रहे हैं। हालांकि, रोहित शर्मा के मुताबिक टूर्नामेंट में असली परीक्षा टीम कॉम्बिनेशन को लेकर होगी, जहां हर फैसला बेहद सोच-समझकर लेना पड़ेगा।
स्पिन अटैक बना सबसे बड़ा सवाल
रोहित शर्मा ने खास तौर पर भारत के स्पिन आक्रमण को लेकर चिंता जाहिर की। उनके अनुसार, कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच गौतम गंभीर के सामने सबसे मुश्किल सवाल यह होगा कि कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती जैसे दो स्पेशलिस्ट स्पिनरों को एक साथ खिलाया जाए या पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ वरुण पर भरोसा किया जाए। भारत पिछले एक साल से स्पिन गेंदबाजों पर काफी निर्भर रहा है, जिसमें कुलदीप, वरुण और अक्षर पटेल ने कई मैचों का रुख पलटा है।
दो स्पिनर या एक, यही है दुविधा
रोहित के मुताबिक, अगर टीम मैनेजमेंट कुलदीप और वरुण दोनों को प्लेइंग इलेवन में शामिल करना चाहता है, तो उसे सिर्फ दो विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों के साथ उतरना पड़ेगा। T20 क्रिकेट में यह एक बड़ा जोखिम हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह फैसला पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि कप्तान और कोच किस तरह का संतुलन चाहते हैं, क्योंकि किसी भी विकल्प में समझौता करना पड़ेगा।
ओस बनेगी बड़ा फैक्टर
रोहित शर्मा ने टूर्नामेंट के समय को भी एक अहम चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि फरवरी-मार्च के दौरान, जब सर्दियों से वसंत का मौसम आता है, भारत के ज्यादातर मैदानों पर शाम के मैचों में भारी ओस देखने को मिलती है। ओस की वजह से स्पिनरों के लिए गेंद पकड़ना और कंट्रोल बनाए रखना मुश्किल हो जाता है, जिससे टीम की रणनीति प्रभावित हो सकती है।
तीन स्पिनरों के साथ जोखिम
अगर भारत अक्षर पटेल, कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती – तीनों को एक साथ खिलाता है, तो टीम बैलेंस बिगड़ सकता है। ऐसी स्थिति में अर्शदीप सिंह जैसे विशेषज्ञ तेज गेंदबाज को बाहर बैठाना पड़ सकता है। तब भारत को जसप्रीत बुमराह के साथ हार्दिक पांड्या और शिवम दुबे जैसे तेज गेंदबाजी ऑलराउंडरों पर निर्भर रहना होगा। रोहित के अनुसार, यह फैसला आसान नहीं होगा क्योंकि हर खिलाड़ी अपनी जगह पर विश्व-स्तरीय है।
फिक्स्ड प्लेइंग इलेवन बनाना मुश्किल
रोहित शर्मा का मानना है कि मौजूदा हालात में भारत के लिए एक तय प्लेइंग इलेवन बनाना बेहद चुनौतीपूर्ण होगा। किसी एक खिलाड़ी को बाहर करने का मतलब होगा दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से किसी को बेंच पर बैठाना। यही वजह है कि हर मैच में हालात के अनुसार टीम संयोजन बदल सकता है।