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स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप जैसे हाई-प्रेशर टूर्नामेंट में लगातार रन बनाना आसान नहीं होता, लेकिन कुछ बल्लेबाज ऐसे भी रहे हैं जिन्होंने आउट होने से पहले लंबी रन-श्रृंखला बनाकर इतिहास रचा। इन खिलाड़ियों ने न सिर्फ अपनी टीम को मजबूत शुरुआत दी, बल्कि विपक्षी गेंदबाजों पर भी दबाव बनाए रखा। 2026 संस्करण में एक नया नाम ब्रायन बेनेट इस खास सूची में सबसे ऊपर पहुंच गया है, जबकि पिछले वर्षों के रिकॉर्डधारियों के कारनामे भी आज तक चर्चा में हैं। 

180 रन* – ब्रायन बेनेट (2026)

इस सूची में शीर्ष पर हैं Brian Bennett, जिन्होंने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में आउट होने से पहले 180 रन बना डाले। बेनेट की यह उपलब्धि बताती है कि उन्होंने कई पारियों में लगातार नाबाद रहते हुए टीम के लिए योगदान दिया। उनकी बल्लेबाजी की खासियत आक्रामकता और संयम का संतुलन रही। पावरप्ले में तेज शुरुआत और मध्य ओवरों में स्ट्राइक रोटेशन ने उन्हें लंबी पारी खेलने में मदद की। 180* रन का आंकड़ा उन्हें इस प्रतिष्ठित सूची में सबसे ऊपर रखता है।

151 रन – टॉम कूपर (2014)

2014 के टी20 वर्ल्ड कप में Tom Cooper ने 151 रन की नाबाद श्रृंखला बनाई थी। उस टूर्नामेंट में कूपर ने अपनी टीम के लिए महत्वपूर्ण मौकों पर जिम्मेदारी संभाली। मिडिल ऑर्डर में खेलते हुए उन्होंने दबाव में भी विकेट नहीं गंवाए और टीम को प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचाया। उनकी यह उपलब्धि लंबे समय तक रिकॉर्ड के रूप में कायम रही।

141 रन – एरॉन जोन्स (2024)

2024 संस्करण में Aaron Jones ने 141 रन की नाबाद लय कायम की। जोन्स ने बड़े शॉट्स और तेज रनिंग के दम पर अपनी टीम के लिए अहम योगदान दिया। उनकी पारियों में आक्रामकता साफ झलकती थी, लेकिन उन्होंने जोखिम को संतुलित तरीके से संभाला। लगातार नाबाद रहते हुए इतने रन बनाना किसी भी बल्लेबाज के लिए बड़ी उपलब्धि है।

124 रन – रोहित शर्मा (2007-09)

भारतीय कप्तान Rohit Sharma ने 2007 से 2009 के बीच 124 रन आउट हुए बिना बनाए थे। शुरुआती टी20 वर्ल्ड कप संस्करणों में रोहित की पारियां भारत के लिए बेहद अहम रहीं। फिनिशर की भूमिका निभाते हुए उन्होंने कई मैचों में टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उनकी यह निरंतरता भारत के टी20 इतिहास की यादगार उपलब्धियों में शामिल है।

क्यों खास है यह रिकॉर्ड?

टी20 क्रिकेट में तेजी से रन बनाना जरूरी होता है, लेकिन लगातार नाबाद रहना और रन जोड़ते जाना और भी मुश्किल है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि इन बल्लेबाजों ने दबाव की घड़ी में विकेट बचाते हुए टीम को स्थिरता दी। आउट होने से पहले सबसे ज्यादा रन बनाने का यह रिकॉर्ड सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि टीम के लिए भरोसे का प्रतीक भी है।