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दाम्बुला : रोहित शर्मा और ऋषभ पंत के उत्साहवर्धक शब्दों से जेमिमा रोड्रिग्ज का उस समय हौसला बढ़ा जब वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम से बाहर होने के बाद मुश्किल दौर से गुजर रही थी और टीम में वापसी पर काम कर रही थी। इस क्रिकेटर का मानना है कि वह खुशकिस्मत रहीं कि उन्हें रोहित और पंत के साथ बात करने का मौका मिला। न्यूजीलैंड में हुए विश्व कप के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने में नाकाम रहीं जेमिमा ने श्रीलंका के खिलाफ वापसी करते हुए 27 गेंद में नाबाद 36 रन बनाकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई।

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जेमिमा ने कहा कि पिछले श्रीलंका दौरे के बाद से मेरा सफर आसान नहीं रहा, मुझे उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। मैंने रोहित शर्मा और ऋषभ पंत से बात की, उन्होंने मुझे कहा कि इन्हीं लम्हों से आपका करियर परिभाषित होगा, उन्होंने मुझे कहा कि इसे (विश्व कप से पहले टीम से बाहर होना) नकारात्मक रूप से नहीं लीजिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने मुझे कहा कि मुझे चुनौती का सामना करना चाहिए और आगे बढऩा चाहिए। मैं खुशकिस्मत रही कि उनसे बात करने का मौका मिला।

5वें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरी जेमिमा श्रीलंका की गेंदबाजों द्वारा बनाए दबाव में नहीं आई और भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण रन जुटाए। उन्होंने अपनी पारी में 3 चौके और 1 छक्का जड़ा। भारत ने 6 विकेट पर 138 रन बनाए और फिर गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन से 34 रन की जीत दर्ज की। जेमिमा ने कहा कि पिछले 4 से 5 महीने में मैंने अपने खेल को बेहतर तरीके से समझा है। मैं धैर्यवान बनी हूं। मैं बदल गई हूं लेकिन मेरा लक्ष्य नहीं बदला है।

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उन्होंने कहा कि टीम से बाहर किए जाने के तुरंत बाद मैंने तैयारी शुरू कर दी थी। पारी के महत्वपूर्ण समय में क्रीज पर उतरी जेमिमा ने कहा कि वह शुरुआत में नर्वस थी। उन्होंने कहा कि यह पारी काफी मायने रखती है, शुरुआत में मैं नर्वस थी लेकिन लेट कट से बाउंड्री जडऩे से मदद मिली जिससे चीजें आसान हो गईं। मैंने चार-पांच महीने बाद टीम में वापसी की है या इससे भी अधिक समय बाद। मैं उत्साह से भरी थी।

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