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नई दिल्ली : तेजी से बढ़ रहे कोरोना वायरस (Corona Virus) ने आईपीएल 2020 (IPL 2020) पर भी प्रभाव डाल दिया है। पहले ही भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच हो रही वनडे सीरीज बगैर दर्शकों के हो रही है। अब आईपीएल भी बगैर दर्शकों के होने की संभावना के बीच बीसीसीआई (BCCI) को रेवेन्यू की चिंता सताने लगी है। शुक्रवार को आई रिपोटर््स अनुसार बीसीसीआई ने कोरोना वायरस के चलते आईपीएल की डेट 20 मार्च से 15 अप्रैल तक बढ़ा दी है। हालांक यह तारीख भी आखिरी नहीं है। अगर बाकी सीरीज की तरह आईपीएल कैंसिल हुआ तो बीसीसीआई को करीब 10 हजार करोड़ रुपए का फटका सहने को तैयार होना होगा।

आईपीएल 2020 में आर्थिक हानि होने की संभावना

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ग्रुप एम के बिजनेस हेड विनित कार्निक का कहना है कि बीसीसीआई और आईपीएल प्रबंधन ने आगामी टूर्नामेंट के लिए कई बड़ी डील की है अगर इसका समय गड़बड़ाया तो भारी मात्रा में आर्थिक हानि होने की संभावना है। कार्निक ने कहा- आईपीएल के दौरान करीब 35 फीसदी खिलाड़ी या क्रू विदेशों से आता है। वैसे भी भारत में एंट्री 15 अप्रैल तक बैन है। ऐसे में इन खिलाडिय़ों की अनुपस्थिति को मैनेज करना बड़ी चुनौती बनेगी। 

आईपीएल 2020 कोरोना वायरस के कारण प्रभावित 

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कार्निक  ने कहा- इंडिया में 15 अप्रैल के बाद भी एंट्री के लिए विदेशी प्लेयरों को नई वीजा नीति के तहत प्रवेश मिलेगा। इसके अलावा सुरक्षा प्रबंधन, टीए, डीए, बुकिंग आदि सब प्रभावित होगी। वैसे भी आईपीएल की तैयारियां कई महीने पहले ही शुरू हो जाती है। ऐन मौके पर बड़ा बदलाव आना सीधे तौर पर बड़ा आर्थिक घाटा लेकर आएगा। 

आईपीएल 2020 रद्द होने से क्या होगा 

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कार्निक ने कहा- आईपीएल अगर रद्द हुआ तो इससे न सिर्फ बीसीसीआई बल्कि स्टेडियम प्रबंधन को भी घाटा पडऩा तय है। अगर प्रबंधन खाली स्टेडियम में मैच करवाने को राजी होती है तो स्टेडियम के रख रखाव का खर्चा कहां से निकलेगा, इस सवाल पर सब चुपी साधे हुए हैं। सभी मैच रात आठ बजे से होने हैं। ऐसे में व्यवस्था गड़बड़ाने की आशंका है क्योंकि आईपीएल के लिए प्रबंधन को पूरी नीति दोबारा लागू करनी होगी। 

आईपीएल 2020 रद्द होने से नुकसान 

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खेल विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आईपीएल 2020 शुरू नहीं हुआ तो आईपीएल को लगभग 10,000 करोड़ का बड़ा वित्तीय नुकसान हो सकता है। प्रबंधन को गेट रसीदें, प्रायोजन, मीडिया अधिकार, मताधिकार राजस्व और खिलाडिय़ों की फीस के साथ-साथ आतिथ्य और यात्रा से संबंधित लागतों का नुकसान उठाना पड़ेगा। इसके अलावा, बीसीसीआई और आयोजक को इन सभी नुकसानों को उठाना होगा।

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