Sports

स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय क्रिकेट के भरोसेमंद बल्लेबाज़ केएल राहुल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मैचों में उनसे बेहतर कोई नहीं। रणजी ट्रॉफी 2025-26 के क्वार्टरफाइनल मुकाबले में मुंबई के खिलाफ कर्नाटक के लिए खेलते हुए राहुल ने दबाव भरे हालात में शानदार शतक जड़ा। MCA-BKC ग्राउंड पर 325 रनों के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए उनकी नाबाद पारी ने न सिर्फ कर्नाटक की लड़ाई को ज़िंदा रखा, बल्कि सेमीफाइनल की राह भी आसान कर दी। 

दबाव में संयमित बल्लेबाजी

33 वर्षीय केएल राहुल ने दूसरी पारी में जिस तरह से पारी को संभाला, वह फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में उनके अनुभव का साफ उदाहरण था। उन्होंने 147 गेंदों में नाबाद 100 रन बनाए, जिसमें 13 आकर्षक चौके शामिल थे। यह पारी आक्रामकता से ज़्यादा अनुशासन और सही शॉट चयन पर आधारित थी। कर्नाटक को जब एक मजबूत एंकर की जरूरत थी, तब राहुल ने जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली और चेज को स्थिरता दी।

24वां फर्स्ट-क्लास शतक, बिना दिखावे का जश्न

यह केएल राहुल के करियर का 24वां फर्स्ट-क्लास शतक था, लेकिन उन्होंने इस उपलब्धि का कोई बड़ा जश्न नहीं मनाया। तनुष कोटियन की गेंद पर ऑफ-साइड में चौका लगाकर उन्होंने अपना शतक पूरा किया, बल्ला हल्के से उठाया और तुरंत दोबारा फोकस बल्लेबाज़ी पर ले आए। यह अंदाज राहुल की परिपक्वता और टीम-फर्स्ट सोच को दर्शाता है।

टीम में वापसी के बाद लगातार असर

ग्रुप स्टेज के आख़िरी चरण में कर्नाटक टीम में लौटने के बाद से राहुल की मौजूदगी टीम के लिए बेहद अहम रही है। पंजाब के खिलाफ पहली पारी में अर्धशतक जड़कर उन्होंने संकेत दे दिए थे कि उनका फॉर्म लौट चुका है। क्वार्टरफाइनल जैसे बड़े मुकाबले में यह शतक उसी लय की अगली कड़ी साबित हुआ।

पहली पारी की भूमिका भी रही अहम

इस मुकाबले की पहली पारी में राहुल सिर्फ 28 रन ही बना सके थे और मोहित अवस्थी की गेंद पर कवर में कैच आउट हो गए थे। इसके बावजूद कर्नाटक ने पहली पारी के आधार पर 53 रनों की अहम बढ़त हासिल की। यही बढ़त दूसरी पारी में लक्ष्य का पीछा करते समय टीम के लिए मनोवैज्ञानिक रूप से फायदेमंद साबित हुई।

सेमीफाइनल की दौड़ में कर्नाटक

केएल राहुल की इस नाबाद शतकीय पारी की बदौलत कर्नाटक रणजी ट्रॉफी 2025-26 के सेमीफाइनल की रेस में मजबूती से बना हुआ है। अगर टीम यह मुकाबला जीतने में सफल रहती है, तो अगला मैच बेंगलुरु में उत्तराखंड के खिलाफ घरेलू परिस्थितियों में खेला जाएगा, जहां कर्नाटक को साफ बढ़त मिल सकती है।