Sports

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा से तोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के बाद फोन पर बात की और उनकी प्रशंसा की कि उन्होंने चोटों और ब्रेक को अपने प्रदर्शन में बाधा नहीं बनने दिया। 23 साल के चोपड़ा इस स्वर्ण पदक से ट्रैक एवं फील्ड स्पर्धा में देश को ओलंपिक पदक दिलाने वाले पहले एथलीट बन गए। 

यह भारत का ओलंपिक की व्यक्तिगत स्पर्धाओं में दूसरा स्वर्ण पदक था। निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने 2008 बीजिंग खेलों में देश को पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक दिलाया था। मोदी ने भारतीय सेना से जुड़े इस युवा एथलीट से फोन पर कहा कि नीरज आपको बहुत बहुत बधाई। आपने ओलंपिक में हमारी प्रतिस्पर्धाओं के अंतिम दिन देश को खुश कर दिया। चोपड़ा ने इसका जवाब दिया कि मैं अच्छा करना चाहता था, स्वर्ण पदक जीतना बहुत बड़ी बात है। मुझे काफी लोगों का सहयोग और शुभकामनाएं मिलीं। 

प्रधानमंत्री ने फिर मजाक में उनके गृहनगर पानीपत का जिक्र करते हुए कहा कि पानीपत ने पानी दिखा दिया। उन्होंने कहा कि आपको एक साल ज्यादा मेहनत करनी पड़ी क्योंकि कोविड-19 लॉकडाउन के कारण ओलंपिक में देरी हुई। आप कंधे की चोट (2019) से भी जूझते रहे। इन सभी बाधाओं के बावजूद आपने कमाल कर दिया, यह सिर्फ कड़ी मेहनत के कारण हुआ। चोपड़ा ने स्वीकार किया कि उनके लिए यह काम आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि बहुत मुश्किल था सर।

मोदी ने चोपड़ा के आत्मविश्वास के बारे में भी बात की जिसे ओलंपिक फाइनल्स के दौरान सभी ने देखा लेकिन प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने खेलों से पहले इसे देख लिया था। उन्होंने कहा कि जिस दिन मैंने आपसे बात की, उस दिन ही मैंने आपके चेहरे का आत्मविश्वास देख लिया था। चैम्पियन ने कहा कि मैं सिर्फ अपना शत प्रतिशत देना चाहता था। मोदी ने चोपड़ा से कहा कि उन्होंने अपनी उपलब्धि से युवा पीढ़ी को प्रेरित किया है। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि आपने युवा पीढ़ी को प्रेरित किया है। हमने उन खेलों में अच्छा प्रदर्शन दिखाया है जिनमें हम सामान्यत: अच्छे नहीं हैं। खेल देश के लिये बहुत जरूरी हैं। यह आपके परिवार के लिये गर्व का पल है। उन्होंने कहा कि मैं आपसे 15 अगस्त को मिलूंगा। बहुत बधाई। भारत ने अपना ओलंपिक अभियान सात पदक से समाप्त किया जिसमें नीरज के स्वर्ण के अलावा दो रजत और चार कांस्य पदक शामिल हैं।

.
.
.
.
.