स्पोर्ट्स डेस्क : आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में भारत की इंग्लैंड पर रोमांचक जीत के बाद टीम इंडिया के ऑलराउंडर अक्षर पटेल की शानदार फील्डिंग की खूब चर्चा हो रही है। पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने अक्षर के दो बेहतरीन कैच की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि वह टीम में रविंद्र जडेजा की कमी को बखूबी पूरा कर रहे हैं। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को सात रन से हराकर फाइनल में जगह बनाई। गावस्कर के मुताबिक अक्षर की क्रिकेटिंग समझ और लगातार सुधार उन्हें भविष्य में भारत के महान खिलाड़ियों में शामिल कर सकता है।
अक्षर पटेल की फील्डिंग बनी जीत की बड़ी वजह
सेमीफाइनल मुकाबले में जहां संजू सैमसन की विस्फोटक बल्लेबाजी और जसप्रीत बुमराह की कसी हुई गेंदबाजी ने सुर्खियां बटोरीं, वहीं अक्षर पटेल की फील्डिंग भी भारत की जीत में बेहद अहम साबित हुई। अक्षर ने मैच के दौरान दो शानदार कैच लेकर इंग्लैंड की पारी को झटका दिया। पहला कैच उन्होंने इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रुक को आउट करने के लिए लिया, जो मैच का रुख बदलने वाला साबित हुआ। गावस्कर के अनुसार, ब्रूक जैसे खतरनाक बल्लेबाज को आउट करने के लिए हर छोटे मौके का फायदा उठाना जरूरी होता है और अक्षर ने वही किया।
हैरी ब्रूक का शानदार कैच बना चर्चा का विषय
गावस्कर ने खास तौर पर ब्रूक के कैच की तारीफ करते हुए बताया कि अक्षर ने अपनी फील्डिंग पोजिशन से लगभग 24 मीटर तक दौड़ लगाई। उन्होंने गेंद पर नजर बनाए रखी, संतुलन बनाए रखा और शानदार अंदाज में कैच पकड़ लिया। गावस्कर ने इसे “अविश्वसनीय” करार दिया और कहा कि इस तरह की फील्डिंग बड़े मैचों में टीम को अतिरिक्त बढ़त दिलाती है।
दुबे के साथ रिले कैच ने तोड़ी अहम साझेदारी
अक्षर पटेल का दूसरा बड़ा योगदान उस समय आया जब उन्होंने विल जैक्स को आउट करने में अहम भूमिका निभाई। उस समय जैकब बेथेल और जैक्स के बीच पांचवें विकेट के लिए तेज़ साझेदारी बन रही थी। अक्षर ने बाईं ओर दौड़कर गेंद पकड़ी और समझदारी दिखाते हुए उसे शिवम दुबे को पास कर दिया, जिन्होंने कैच पूरा किया। इस रिले कैच ने जैकब बेथेल और जैक्स के बीच 77 रन की खतरनाक साझेदारी को तोड़ दिया, जो इंग्लैंड को जीत के करीब ले जा रही थी।
“अक्षर में दिखता है महान खिलाड़ी बनने का माद्दा”
सुनील गावस्कर ने अक्षर पटेल की क्रिकेटिंग समझ और शांत स्वभाव की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि क्रिकेट के सबसे ऊंचे स्तर पर खिलाड़ी का टेम्परामेंट ही उसे अच्छा खिलाड़ी से महान खिलाड़ी बनाता है। गावस्कर का मानना है कि अक्षर की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों लगातार बेहतर हो रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पहले टीम इंडिया के पास रविंद्र जडेजा जैसा ऑलराउंडर था और अब अक्षर उसी भूमिका को काफी अच्छी तरह निभा रहे हैं।
बुमराह को बताया “सदी में एक बार आने वाला गेंदबाज”
गावस्कर ने भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि बुमराह सिर्फ एक पीढ़ी में नहीं, बल्कि “सदी में एक बार” आने वाले गेंदबाज हैं। उनका मानना है कि चाहे टेस्ट हो, वनडे या टी20—बुमराह हर फॉर्मेट में मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। सेमीफाइनल मुकाबले में बुमराह ने चार ओवर में 1/33 का प्रभावी स्पेल डाला, जो इतने हाई-स्कोरिंग मैच में बेहद अहम साबित हुआ।
हाई-स्कोरिंग मुकाबले में भारत ने दर्ज की जीत
मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 253/7 का बड़ा स्कोर बनाया। संजू सैमसन ने 42 गेंदों में 89 रन की शानदार पारी खेली। इसके अलावा ईशान किशन, शिवम दुबे, तिलक वर्मा और हार्दिक पांड्या ने भी तेज़ पारियां खेलकर टीम का स्कोर मजबूत किया। जवाब में इंग्लैंड ने कड़ा संघर्ष किया, लेकिन अंत में 246/7 तक ही पहुंच सका और भारत ने सात रन से मुकाबला जीतकर फाइनल में जगह बना ली।