स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम की ऐतिहासिक जीत के बाद टीम के हेड कोच Gautam Gambhir ने बताया कि विकेटकीपर बल्लेबाज Sanju Samson को टूर्नामेंट के दौरान प्लेइंग XI में वापस क्यों शामिल किया गया था।सैमसन ने इस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिर्फ पांच पारियों में 321 रन बनाए और उन्हें Player of the Tournament भी चुना गया।
किसी खास गेंदबाज को निशाना बनाने की रणनीति नहीं थी
काफी अटकलें लगाई जा रही थीं कि सैमसन को किसी खास गेंदबाज को निशाना बनाने या टॉप ऑर्डर में लेफ्ट-हैंडर्स के संतुलन को तोड़ने के लिए टीम में शामिल किया गया। लेकिन गंभीर ने इन सभी कयासों को खारिज करते हुए कहा कि टीम का उद्देश्य सिर्फ आक्रामक बल्लेबाजी करना था। उन्होंने कहा कि सैमसन जैसे खिलाड़ी पावरप्ले के शुरुआती छह ओवरों में ही मैच का रुख बदल सकते हैं।
पावरप्ले में अतिरिक्त ताकत देते हैं सैमसन
गंभीर के मुताबिक भारतीय टीम पिछले डेढ़ साल से एक स्पष्ट रणनीति पर काम कर रही थी— जितना हो सके उतना आक्रामक खेल। उन्होंने कहा कि सैमसन की मौजूदगी से टीम को पावरप्ले में अतिरिक्त ताकत मिलती है और वह शुरुआती ओवरों में ही विरोधी टीम पर दबाव बना सकते हैं।
मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप की तारीफ
गंभीर ने भारत की बल्लेबाजी लाइनअप को भी बेहद मजबूत बताया। उन्होंने कहा कि अगर टॉप ऑर्डर में Abhishek Sharma, संजू सैमसन और Ishan Kishan जैसे खिलाड़ी हों और उनके बाद Suryakumar Yadav, Hardik Pandya, Tilak Varma, Shivam Dube और Axar Patel जैसे बल्लेबाज मौजूद हों, तो यह किसी भी टीम के लिए बेहद खतरनाक संयोजन बन जाता है।
जिम में हुई थी सैमसन से बातचीत
गंभीर ने यह भी बताया कि सैमसन को प्लेइंग XI में शामिल करने की जानकारी उन्होंने बेहद सामान्य तरीके से दी थी। उन्होंने कहा कि जिम में ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने सैमसन से कहा कि वह जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में खेलेंगे।
इस पर सैमसन ने सिर्फ इतना कहा— “लेट इट कम।”
गंभीर ने कहा कि टीम में कोच और खिलाड़ियों के बीच बातचीत का माहौल काफी सहज रहता है और अक्सर ऐसी चर्चाएं ट्रेनिंग के दौरान ही हो जाती हैं।
शानदार प्रदर्शन से बने ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’
टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में प्लेइंग XI से बाहर रहने के बावजूद सैमसन ने जब मौका मिला तो शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने पांच पारियों में 321 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 199.37 रहा। उनकी इस दमदार बल्लेबाजी ने भारत को खिताब जीतने में बड़ी भूमिका निभाई और उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।