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कराची : पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के एक शीर्ष अधिकारी ने स्वीकार किया है कि राष्ट्रीय टीम के कोच पद से मिकी आर्थर को हटाना मुश्किल फैसला था। पीसीबी की क्रिकेट समिति द्वारा विश्व कप के बाद जिस तरह आर्थर को हटाने की सिफारिश की गई उस पर इस कोच ने हाल में बात करते हुए कहा था कि उन्होंने महसूस किया कि जिन लोगों पर उन्होंने सबसे अधिक विश्वास किया उन्होंने ही उन्हें निराश किया। 

पीसीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वसीम खान ने रविवार को साक्षात्कार में कहा कि उनकी अगुआई और वसीम अकरम तथा मिसबाह उल हक की मौजूदगी वाली क्रिकेट समिति ने आर्थर, कप्तान सरफराज अहमद और पूर्व मुख्य चयनकर्ता इंजमाम उल हक से विश्व कप के बाद जांच के दौरान कई कड़े सवाल पूछे। खान ने कहा, ‘हमने सबसे पहले स्वयं से पूछा कि क्या हम टेस्ट में सातवें नंबर और वनडे में छह नंबर की टीम बनकर खुश हैं। क्या हम खुश हैं कि लंबे समय में हमारे प्रदर्शन में निरंतरता की कमी रही है।' 

उन्होंने कहा, ‘मिकी के बचाव में, उसने पाकिस्तान क्रिकेट के लिए काफी अच्छी चीजें की। लेकिन हमें कड़ा फैसला करना था, अब नए अधिकारी हैं, नया घरेलू ढांचा और हमें व्यावहारिक होने की जरूरत है, हमारे कप्तानों और कोचों के लिए पाकिस्तान क्रिकेट में उचित उत्तराधिकारी योजना होनी चाहिए।' खान ने कहा कि आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप पाकिस्तान के लिए महत्वपूर्ण है और यही कारण है कि उसने लाल गेंद के अपने घरेलू क्रिकेट ढांचे में आमूलचूल बदलाव किया है। 

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