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टोक्यो : भाविनाबेन पटेल ने शुक्रवार को यहां पैरालम्पिक के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी बनने के साथ ही टोक्यो खेलों के महिला एकल क्लास चार वर्ग में पदक पक्का कर लिया। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में विश्व की दूसरी रैंकिंग की खिलाड़ी और मौजूदा चैंपियन बोरिस्लावा पेरिच रांकोविच पर प्रभावशाली जीत दर्ज की। 34 साल की भारतीय खिलाड़ी ने सर्बिया की खिलाड़ी को 18 मिनट तक चले मैच में 11-5 11-6 11-7 शिकस्त दी। सेमीफाइनल में उनका सामना चीन की झांग मियाओ से होगा लेकिन अंतिम चार में पहुंचते ही उनका पदक पक्का हो गया। 

टोक्यो पैरालंपिक टेबल टेनिस में कांस्य पदक प्ले-ऑफ मुकाबला नहीं होगा और सेमीफाइनल में हारने वाले दोनों खिलाड़ियों को कांस्य पदक मिलेगा। गुजरात के महसाना जिले के सुंधिया गांव की भाविनाबेन निकुंज पटेल से शादी के बाद अहमदाबाद में आ गई। उनके पति गुजरात के लिये जूनियर क्रिकेट खेल चुके हैं। उनके पिता की गांव में बर्तनों की दुकान है। भाविनाबेन को 12 साल की उम्र में पोलिया होने का पता चला था। 

निकुंज ने पत्नी के विकार के बारे में बताया कवह 90 प्रतिशत विकलांग है लेकिन उसमें 10 सक्षम व्यक्तियों जितनी इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प है। मुझे उसकी इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास से प्रेरणा मिलती है।भारतीय पैरालंपिक समिति की अध्यक्ष दीपा मलिक ने ट्विटर पर जारी वीडियो में कहा कि यह निश्चित है कि हम उन्हें एक पदक जीतते हुए देखेंगे। कल सुबह के मैच (सेमीफाइनल) से यह तय होगा कि वह किस रंग का पदक जीतेगी। 

अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक समिति (आईपीसी) की संचालन समिति ने 2017 में अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस महासंघ के उस अनुरोध को स्वीकार कर लिया था जिस में सभी पदक स्पर्धाओं में तीसरे स्थान के प्ले-ऑफ को हटाने और हारने वाले दोनों सेमीफाइनलिस्ट को कांस्य पदक देने की मांग की गयी थी। वह इससे पहले दिन में पैरालम्पिक क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली भारत की पहली टेबल टेनिस खिलाड़ी बनी थी। उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल में ब्राजील की जॉयस डि ओलिवियरा पर 12-10, 13-11, 11- 6 से जीत दर्ज की। 

उन्होंने क्वार्टर फाइनल मुकाबले के बाद कहा कि मैं भारत के लोगों के समर्थन के कारण अपना क्वार्टर फाइनल मैच जीत सकी। कृपया मेरा समर्थन करते रहें ताकि मैं अपना सेमीफाइनल मैच भी जीत सकूं। इससे पहले भारत की टेबल टेनिस खिलाड़ी सोनलबेन मनुभाई पटेल दोनों ग्रुप मैच हारकर बाहर हो गयी थी। 

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