गॉल : पहले टेस्ट के चौथे दिन श्रीलंका के खिलाफ रवींद्र जडेजा की नो-बॉल की वजह से भारत को एक अहम विकेट नहीं मिल पाया जिससे गौतम गंभीर साफ तौर पर निराश दिखे। भारतीय हेड कोच ने देखा कि जडेजा की गेंद तेजी से घूमी, कप्तान धनंजय डी सिल्वा के बल्ले का किनारा लेकर फर्स्ट स्लिप की तरफ गई, लेकिन स्पिनर के ओवरस्टेप (क्रीज से आगे पैर रखने) करने की वजह से आउट होने का फैसला बदल दिया गया। इसका खामिआजा भी भुगतना पड़ा और डी सिल्वा ने अर्धशतक लगाकर भारत पर दबाव बनाया। हालांकि पहले टेस्ट के पांचवें दिन जडेजा ने ही उन्हें आउट किया।
यह भारत के लिए बहुत निराशाजनक पल था क्योंकि धनंजय उस वेरिएशन से पूरी तरह चकमा खा गए थे। जडेजा की गेंद हवा में और रिलीज के समय उनकी आम गेंद जैसी ही लग रही थी, लेकिन बाद में तेजी से घूमकर बल्ले के बीच से निकल गई। ऐसा लगा कि किनारे से भारत को एक और सफलता मिल जाएगी, लेकिन नो-बॉल की वजह से धनंजय बच गए। गंभीर पहले भी नो-बॉल से बचने की अहमियत के बारे में खुलकर बात कर चुके हैं। 2023 में उन्होंने अर्शदीप सिंह की आलोचना की थी जब इस तेज गेंदबाज ने श्रीलंका के खिलाफ़ लगातार तीन नो-बॉल फेंकी थीं, उन्होंने कहा था कि इंटरनेशनल लेवल पर ऐसी गलतियां बर्दाश्त नहीं की जा सकतीं।
पांचवें दिन जब डि सिल्वा अपने साथी सोनल दिनुशा के साथ मैदान में उतरे तो उन्होंने 59 रन की पारी खेली जिसमें 7 चौके शामिल थे। उनकी इस पारी ने डर भी पैदा किया लेकिन अंत में वह जडेजा का ही शिकार हुए। जडेजा की गेंद पर डी सिल्वा मानव सुथार को कैच थमा बैठे और आउट हो गए।
टेस्ट मैच की चौथी पारी में धनंजय डी सिल्वा के पिछली पांच इनिंग्स :
50 बनाम इंग्लैंड, लॉर्ड्स, 2024
59 बनाम दक्षिण अफ्रीका, डरबन, 2024
50 बनाम दक्षिण अफ्रीका, गेबेरहा, 2024
12* बनाम बांग्लादेश, गॉल, 2025
54* बनाम भारत, गॉल, 2026