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दुबई: श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू ने महिला एशिया कप 2026 के फाइनल से पहले भारतीय टीम को बड़ा संदेश दिया है। पाकिस्तान को सेमीफाइनल में चार विकेट से हराने के बाद अटापट्टू ने कहा कि उनकी टीम के पास इतनी गहराई और संयम है कि वह किसी भी विपक्षी टीम को हरा सकती है। श्रीलंका लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचा है, जहां रविवार को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में उसका सामना भारत से होगा।

पाकिस्तान के खिलाफ लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की खराब शुरुआत

131 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम ने पहले छह ओवर के अंदर ही कप्तान चमारी अटापट्टू, संजना कविंदी और हसिनी परेरा के विकेट गंवा दिए। शुरुआती झटकों के बाद श्रीलंका पर दबाव बढ़ गया था और पाकिस्तान के पास मुकाबले में वापसी का मौका बन गया था।

हर्षिता और कविशा ने संभाली पारी

शुरुआती विकेट गिरने के बाद हर्षिता समरविक्रमा और कविशा दिलहारी ने जिम्मेदारी संभाली। दोनों बल्लेबाजों ने बिना अनावश्यक जोखिम उठाए singles लिए और धीरे-धीरे पारी को आगे बढ़ाया। दोनों के बीच 67 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई, जिसने श्रीलंका को फिर से लक्ष्य की राह पर ला दिया।

अटापट्टू ने टीम की बल्लेबाजी गहराई को सराहा

चमारी अटापट्टू ने कहा कि उनकी टीम की सबसे बड़ी ताकत यह है कि कई खिलाड़ी दबाव की स्थिति में जिम्मेदारी उठाने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने हर्षिता, निलाक्षी और कविशा जैसी फिनिशर्स का विशेष तौर पर जिक्र किया।

अटापट्टू ने सेमीफाइनल के बाद कहा, 'हमारे पास हर्षिता, निलाक्षी और कविशा जैसी अच्छी फिनिशर्स हैं। ज्यादातर खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, हमारी गेंदबाजी इकाई भी अच्छी है। इसलिए हमारे पास अच्छे खिलाड़ी हैं। अगर हम फाइनल में अपनी योजनाओं को सही तरीके से लागू कर सके, तो मुझे लगता है कि हम किसी भी टीम को हरा सकते हैं।'

गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों से कप्तान प्रभावित

श्रीलंकाई कप्तान ने पाकिस्तान के खिलाफ टीम के गेंदबाजी और बल्लेबाजी प्रदर्शन की तारीफ की। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि फील्डिंग में सुधार की गुंजाइश है और टीम ने कुछ कैच छोड़े।

उन्होंने कहा, 'गेंदबाजी इकाई के तौर पर हमने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। फील्डिंग के दौरान हमने कुछ कैच छोड़े, लेकिन कुल मिलाकर प्रदर्शन अच्छा रहा। जिस तरह से बल्लेबाजों ने बल्लेबाजी की, उसे देखना शानदार था। युवा खिलाड़ी बहुत अच्छा कर रहे हैं और यह टीम के साथ-साथ पूरे देश के लिए भी अच्छी बात है।'

हर्षिता और कविशा की साझेदारी बनी मैच का टर्निंग पॉइंट

पाकिस्तान ने शुरुआती विकेट लेकर श्रीलंका पर दबाव बना दिया था, लेकिन हर्षिता और कविशा ने धैर्य के साथ बल्लेबाजी की। दोनों ने बड़े शॉट खेलने की जल्दबाजी नहीं की और singles के जरिए स्कोरबोर्ड को चलाए रखा। उनकी 67 रनों की साझेदारी ने मैच का रुख श्रीलंका की ओर मोड़ दिया।

अटापट्टू ने इस साझेदारी को मैच जिताने वाली साझेदारी बताया। उन्होंने कहा, 'हर्षिता और कविशा ने जिस तरह बल्लेबाजी की, वह शानदार था। उन्होंने दबाव को झेला, singles लिए और बहुत अच्छी बल्लेबाजी की। दबाव की स्थिति में उनकी साझेदारी मैच जिताने वाली साबित हुई।'

हर्षिता और कविशा के आउट होने के बाद भी नहीं डगमगाया श्रीलंका

हर्षिता समरविक्रमा ने 36 रन बनाए, जबकि कविशा दिलहारी ने 33 रनों का योगदान दिया। दोनों बल्लेबाज 17वें ओवर में आउट हो गईं। उस समय श्रीलंका को आखिरी 23 गेंदों में 30 रनों की जरूरत थी और मुकाबला एक बार फिर रोमांचक हो गया था।

इसके बाद निलाक्षी डी सिल्वा और कौशानी नुथ्यांगना ने जिम्मेदारी संभाली। दोनों ने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका को लक्ष्य तक पहुंचा दिया। श्रीलंका ने आठ गेंद शेष रहते चार विकेट से मुकाबला अपने नाम किया।

लगातार दूसरी बार फाइनल में श्रीलंका

पाकिस्तान के खिलाफ जीत के साथ श्रीलंका महिला एशिया कप के लगातार दूसरे फाइनल में पहुंच गया है। अब खिताबी मुकाबले में उसका सामना भारत से होगा। दोनों टीमों के बीच फाइनल रविवार को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। श्रीलंका की कप्तान अटापट्टू के बयान से साफ है कि टीम आत्मविश्वास से भरी हुई है और भारतीय चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार है। अब देखना होगा कि फाइनल में श्रीलंका अपनी योजनाओं को कितनी अच्छी तरह लागू कर पाता है।