Sports

भुवनेश्वर : विनीत राय भारत में प्रतिभाशाली मिडफील्डरों की एक नई पीढ़ी का हिस्सा हैं। वह इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के पिछले दो सीजन में दिल्ली डायनामोज के मुख्य मिडफील्डर रह चुके हैं और अब वह ओडिशा एफसी का हिस्सा बनने के लिए तैयार हैं। 21 वर्षीय विनीत अपने करियर में पहले ही अपना नाम कमा चुके हैं, जोकि काफी लंबा लगता है। लेकिन आगे बढ़ने के लिए उन्होंने वास्तव में बहुत कुछ किया है। उन्होंने मात्र 15 साल की उम्र से ही शीर्ष स्तर पर फुटबाल खेलना शुरू कर दिया था।

विनीत ने कहा, ‘शुरूआत में मुझे अपने क्लब के लिए खेलने का ज्यादा मौका नहीं मिला, लेकिन अब मैं ओडिशा एफसी को धन्यवाद देता हूं। मैं यहां पर एक खिलाड़ी के रूप में बड़ा हुआ हूं और इसके लिए मैं कोचों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं, जिन्होंने मुझ पर विश्वास जताया है। मुझे उम्मीद है कि मैं भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करूंगा।' विनीत ने 2014-15 सीजन में आई-लीग में डेम्पो क्लब से अपने खेल की शुरूआत की। आईएसएल में वह पहली बार 2016 में केरला ब्लास्टर्स टीम के साथ जुड़े थे। इससे पहले वह मिनर्वा पंजाब और दिल्ली डायनामोज से अलग हो चुके थे। दिल्ली से जुड़ने के बाद से वह नियमित रूप से बतौर मिडफील्डर टीम के लिए खेलते रहे। वह लीग के पास मास्टरों में से एक हैं, जिनके नाम प्रत्येक मैच में 40 से अधिक पास का औसत है।

लीग में अब तक 2000 से अधिक मिनट गुजारने के बाद विनीत को उम्मीद है कि ओडिशा के लिए भी अपने इस प्रदर्शन को बरकरार रखेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मिडफील्डरों ने तेजी से बदलाव किया है। मुझे लगता है कि अब गेंद पर हमारी अच्छी पकड़ है और इसका श्रेय आईएसएल को जाता है, जिसने एक अच्छा सेटअप मुहैया कराया है और अच्छे कोच लेकर आए हैं। हम भाग्यशाली हैं कि हम ऐसे कोच के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग करते हैं और इतने अच्छे खिलाड़ियों के साथ खेलते हैं। इससे हमें नई चीजें सीखने को मिलती है, जिसे हम अपने खेल पर लागू कर सकते हैं। मैं हमेशा गेंद के साथ रहना पसंद करता हूं ताकि मैं अधिक से अधिक खेल में शामिल हो सकूं।'

भारतीय फुटबाल टीम के कोच इगोर स्टिमैक ऐसे खिलाड़ियों को प्राथमिकता देते हैं जो मिडफील्ड में अच्छे से गेंद का इस्तेमाल कर सके और विनीत उनमें से एक हैं, जिनके पास स्टिमैक को प्रभावित करने का मौका था। विनीत ने कहा, ‘मैं यह देखकर थोड़ा हैरान था। लेकिन मैं उन्हें धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने यहां आने के बाद मुझे मौके दिए हैं। मैंने उनके मार्गदर्शन में ही सीनियर टीम में पदार्पण किया था और मैं उपयोगिता साबित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा हूं।' 

.
.
.
.
.