स्पोर्ट्स डेस्क : एशेज 2025-26 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1-4 से मिली करारी हार के बाद इंग्लैंड क्रिकेट एक बार फिर आत्ममंथन के दौर में है। ब्रेंडन मैकुलम की कोचिंग और बेन स्टोक्स की कप्तानी पर सवाल उठने लगे हैं। इसी बीच इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन ने एक चौंकाने वाला सुझाव दिया है। उनका मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड को दोबारा मजबूत बनाने के लिए पूर्व हेड कोच एंडी फ्लावर को वापस लाने पर विचार किया जाना चाहिए।
मैकुलम और स्टोक्स के भविष्य पर सवाल
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर इंग्लैंड का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, जहां टीम न तो बल्लेबाज़ी में निरंतरता दिखा सकी और न ही गेंदबाज़ी में धार। एशेज हार के बाद इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने लाल गेंद क्रिकेट में टीम के प्रदर्शन की समीक्षा शुरू कर दी है। खुद कप्तान बेन स्टोक्स यह संकेत दे चुके हैं कि आक्रामक बैजबॉल शैली का दौर शायद अपने अंतिम चरण में है। ऐसे में यह अटकलें तेज हो गई हैं कि ECB टेस्ट टीम के लिए किसी नए कोच की तलाश कर सकता है।
केविन पीटरसन का अजीब लेकिन चर्चा में आया सुझाव
केविन पीटरसन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी राय साझा करते हुए कहा कि उनके दिमाग में एक “अजीब सा विचार” आया है। उन्होंने सुझाव दिया कि इंग्लैंड को एंडी फ्लावर को दोबारा कोच बनाने पर विचार करना चाहिए। पीटरसन के मुताबिक, फ्लावर अब पहले जैसे नहीं रहे और आधुनिक दौर के खिलाड़ियों की मानसिकता को बेहतर ढंग से समझते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई मौजूदा खिलाड़ियों से उन्हें यह सुनने को मिला है कि फ्लावर ने समय के साथ अपने कोचिंग तरीके बदले हैं और अब वह ज़्यादा लचीले और परिणाम-केंद्रित हो गए हैं।
पीटरसन और फ्लावर का पुराना रिश्ता
दिलचस्प बात यह है कि अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान पीटरसन और फ्लावर के रिश्ते तनावपूर्ण रहे थे। इसके बावजूद पीटरसन ने माना कि उस दौर के बाद फ्लावर में बड़ा बदलाव आया है। उनका तर्क है कि फ्रेंचाइजी क्रिकेट में लगातार खिताब जीतना इस बात का सबूत है कि फ्लावर आधुनिक क्रिकेट और खिलाड़ियों की जरूरतों को बखूबी समझते हैं, जो आज के टेस्ट क्रिकेट में भी बेहद अहम है।
इंग्लैंड के कोच के रूप में एंडी फ्लावर का सुनहरा दौर
एंडी फ्लावर का इंग्लैंड के मुख्य कोच के रूप में कार्यकाल बेहद सफल रहा था। उनकी कोचिंग में इंग्लैंड ने 2010-11 में ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक एशेज सीरीज़ 3-1 से जीती थी। इसके अलावा, भारत में मिली चर्चित टेस्ट सीरीज़ जीत भी उनके खाते में दर्ज है। इतना ही नहीं फ्लावर ने 2010 में इंग्लैंड को उसका पहला T20 वर्ल्ड कप खिताब दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई थी।
फ्रेंचाइजी क्रिकेट में फ्लावर की नई पहचान
2014 में इंग्लैंड कोच पद छोड़ने के बाद फ्लावर ने दुनिया भर की T20 लीग में अपनी मजबूत पहचान बनाई। उन्होंने मुल्तान सुल्तांस को 2021 में PSL चैंपियन बनाया और हाल ही में IPL 2025 में RCB के खिताबी सफर में अहम योगदान दिया।
इसके अलावा, ILT20 और T10 लीग में भी उनकी कोचिंग का प्रभाव साफ दिखा है।
ECB के सामने बड़ा फैसला
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ECB मैकुलम-स्टोक्स युग को जारी रखेगा या फिर टेस्ट क्रिकेट में नई दिशा के लिए एंडी फ्लावर जैसे अनुभवी नाम की ओर रुख करेगा। एशेज की हार के बाद इंग्लैंड क्रिकेट एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है, जहां लिया गया फैसला आने वाले वर्षों की दिशा तय कर सकता है।