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पणजी : दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय सर्किट पर अपना सबसे कड़ा प्रतिद्वंद्वी नहीं चुन सकतीं क्योंकि सभी समान स्तर के हैं और विरोधी खिलाड़ियों की विश्व रैंकिंग चाहे कुछ भी हो मुकाबले के दौरान हमेशा सतर्क रहना होता है। सिंधू ने शुक्रवार को यहां ‘गोवा फेस्ट 2022' के दौरान कहा, ‘मुझे लगता है कि कोई भी कड़ा प्रतिद्वंद्वी नहीं है और सभी को हराया जा सकता है।' 

उन्होंने कहा, ‘अभी सभी समान स्तर के हैं, आप यह नहीं सोच सकते कि बेहतर रैंकिंग वाले खिलाड़ी को हराना मुश्किल है या उसे हराया नहीं जा सकता और साथ ही जब आप कम रैंकिंग वाले खिलाड़ी के साथ खेल रहे हो तो आप आसान जीत की उम्मीद नहीं कर सकते।' सिंधू ने कहा, ‘इसलिए प्रतिद्वंद्वी चाहे कोई भी हो आपको अपना शत प्रतिशत देना होता है। मैं यह नहीं कह सकती कि कौन खिलाड़ी सबसे कड़ी प्रतिद्वंद्वी है और उसे हराया नहीं जा सकता, सभी को हराया जा सकता है।' 

ओलंपिक से पहले कोविड-19 के कारण जब सभी चीजें बंद थी तो सिंधू ने उसे थोड़ा मुश्किल समय करार दिया। सिंधू ने कहा, ‘महामारी के कारण इन्हें (तोक्यो ओलंपिक) स्थगित किया गया। तब इनका आयोजन कुछ महीनों के बाद होना था। यह दुखद था। हम चार साल से इनका इंतजार कर रहे थे।' सिंधू ने कहा कि ओलंपिक के लिए जाने के बाद भी हालात मुश्किल थे क्योंकि खिलाड़ियों का रोजाना परीक्षण हो रहा था। 

उन्होंने कहा, ‘कल्पना कीजिए कि आपने सेमीफाइनल में जगह बनाई और आप पॉजिटिव पाए गए। यह सबसे बदतर होता।' सिंधू ने कहा, ‘शुक्र है कि सब कुछ सही रहा और मैं कांस्य पदक के साथ लौटी।' सिंधू ने कहा कि महामारी के कारण ब्रेक के दौरान उन्हें अपने कौशल पर काम करने का पर्याप्त समय मिला। 
 

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