स्पोर्ट्स डेस्क : एक समय IPL के सबसे रहस्यमय और चर्चित अनकैप्ड खिलाड़ियों में गिने जाने वाले KC करियप्पा ने 31 साल की उम्र में BCCI क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। उनका नाम उस दौर की याद दिलाता है जब IPL नीलामी में एक अनजान स्पिनर पर करोड़ों की बोली लगती थी और पूरा क्रिकेट जगत चौंक जाता था। करियप्पा का सफर उम्मीदों, मौके, उतार-चढ़ाव और अधूरे सपनों का मिश्रण रहा, जिसने उन्हें एक खास पहचान दी।
बिना फर्स्ट-क्लास अनुभव के IPL तक का सफर
KC करियप्पा का उभार भारतीय क्रिकेट में बेहद असामान्य रहा। न तो उनके पास फर्स्ट-क्लास क्रिकेट का अनुभव था और न ही लिस्ट A मैचों का। उन्होंने सिर्फ कर्नाटक प्रीमियर लीग (KPL) में खेलकर खुद को साबित किया। यही प्रदर्शन IPL 2015 की नीलामी में उनके लिए गेम-चेंजर साबित हुआ, जब कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें 2.5 करोड़ रुपए की बड़ी रकम में खरीदा।
डेब्यू में AB डिविलियर्स का विकेट, फिर लंबा इंतजार
करियप्पा ने IPL डेब्यू पर ही रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के दिग्गज बल्लेबाज़ AB डिविलियर्स को आउट कर सबका ध्यान खींचा। यह पल उनके करियर का सबसे चमकदार क्षण माना गया। हालांकि, इसके बाद उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले। पूरे सीज़न में वह सिर्फ एक ही मैच खेल पाए और धीरे-धीरे टीम से बाहर हो गए।
अलग-अलग फ्रेंचाइज़ी, सीमित मौके
IPL में करियप्पा का सफर यहीं नहीं रुका। 2016 में किंग्स XI पंजाब (अब पंजाब किंग्स) ने उन्हें 80 लाख रुपये में टीम में शामिल किया। बाद में वह राजस्थान रॉयल्स और फिर एक बार फिर KKR का हिस्सा बने। हालांकि सात IPL सीज़न में वह सिर्फ 11 मुकाबले ही खेल पाए। इन मैचों में उन्होंने 8 विकेट लिए, लेकिन निरंतर मौके न मिलने से उनका IPL करियर आगे नहीं बढ़ सका।
घरेलू क्रिकेट में मिजोरम के लिए नई पहचान
कर्नाटक सिस्टम से निकलने के बाद करियप्पा ने मिजोरम के लिए घरेलू क्रिकेट खेलना शुरू किया, जहां उनका प्रदर्शन काफी प्रभावी रहा। 14 फर्स्ट-क्लास मैचों में उन्होंने 75 विकेट चटकाए, वहीं लिस्ट A और T20 क्रिकेट में भी वह लगातार विकेट लेने वाले गेंदबाज़ साबित हुए। मिजोरम के लिए खेलते हुए उन्होंने अपनी काबिलियत को दोबारा साबित किया।
भावुक संन्यास और आभार संदेश
इंस्टाग्राम पर संन्यास की घोषणा करते हुए करियप्पा ने लिखा कि उन्होंने उस सपने को जिया है, जिसकी कभी सिर्फ कल्पना की थी। उन्होंने कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन और मिजोरम क्रिकेट एसोसिएशन का आभार जताया, जिन्होंने मुश्किल समय में उन पर भरोसा किया। साथ ही IPL फ्रेंचाइज़ियों—KKR, पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स—को भी धन्यवाद कहा।
अधूरा लेकिन यादगार सफर
KC करियप्पा का करियर भले ही उम्मीदों के मुताबिक लंबा न चला हो, लेकिन IPL इतिहास में वह हमेशा एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में याद किए जाएंगे, जिसने बिना पारंपरिक रास्ते के क्रिकेट के सबसे बड़े मंच तक पहुंच बनाई। उनका सफर यह दिखाता है कि प्रतिभा कभी-कभी देर से या सीमित रूप में चमकती है, लेकिन अपनी छाप जरूर छोड़ती है।