Cricket

नई दिल्लीः भारतीय टीम के युवा तेज गेंदबाज खलील अहमद भारतीय टीम का हिस्स बनकर बेहद खुश हैं। उन्होंने एक अखबार को दिए इंटरव्यू के दाैरान कहा कि अगर वह सही वक्त पर भारत के लिए नहीं खेलते तो काफी देर हो जाती। 

खलील ने कहा कि मुझे डर है कि उम्र बढ़ने के साथ मेरा शरीर उतना नहीं दे पाता जितना अभी दे रहा है। मुझे सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के वक्त नींद नहीं आती थी। मैं रात को उठकर घड़ी देखता था कि कब मैदान पर जाकर तेज रफ्तार से गेंद कर विकेट हासिल करूंगा। मैंने यह मौका नहीं जाने देना चाहता था जैसा रणजी के दौरान गंवाया था।”

जहीर खान को किया काॅपी
Zaheer Khan image

29 वर्षीय खलील पूर्व तेज गेंदबाज रहे जहीर खान को अपना आदर्श मानते हैं। खलील ने बताया कि उनको नेट्स में गेंदबाजी करते देखने से बड़ी प्रेरणा कुछ नहीं। मैंने अपनी गेंदबाजी पर काम किया, NCA गया था लेकिन वहां कोई विशेषज्ञ गेंदबाजी कोच नहीं था। दिल्ली डेयरडेविल्स की तरफ से खेलते वक्त जहीर खान से बात हुई थी लेकिन मुझे लगता था हमेशा उनको कॉल नहीं करना चाहिए। उनको नेट्स में गेंदबाजी करते देखता था और घर पर जाकर कॉपी करता था।

बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने विंडीज के खिलाफ वनडे और फिर टी20 सीरीज में काफी अच्छी गेंदबाजी की। विश्व कप को ध्यान में रखते हुए भारतीय टीम को एक बाएं हाथ के गेंदबाजी की जरूरत थी जिसे खलील पूरा करते नजर आ रहे हैं। खलील साल 2016 की अंडर 19 विश्व कप टीम का हिस्सा थे। राजस्थान के टोंक के खलील को भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए दो साल का इंतजार करना पड़ा।
 

.
.
.
.
.