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जालन्धर : भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी वीरवार को जब बीसीसीआई दफ्तर के बाहर देखे गए तो चर्चा उठी कि वह संन्यास ले सकते हैं। सोशल मीडिया पर इस बात को और जोर मिला जब भारतीय कप्तान विराट कोहली ने धोनी के साथ एक पुरानी फोटो सोशल मीडिया पर शेयर कर दी। लेकिन इसी बीच बीसीसीआई ने खुद ही आगे आकर ऐसी खबर को गलत बता दिया है। चीफ सिलेक्टर एमएसके प्रसाद ने खुद आगे आकर इन खबरों पर विराम लगाया है। आइए आपको बताते हैं कि अगर धोनी आज संन्यास लेते तो टीम इंडिया आने वाले दिनों में किन 5 नुक्सानों से गुजरती।

धोनी रिव्यू सिस्टम

Indian team will have 5 losses due to Dhoni's retirement
धोनी बल्ले के कारण ही नहीं बल्कि विकेट के पीछे अपने दिमाग के कारण भी फेम्स हैं। कई अहम मौकों पर अपनी सूझ बूझ से लिए गए डीआरएस ने उन्हें क्रिकेट जगत में खास पहचान दिलाई हैं। कई स्टिक फैसलों के कारण तो सोशल मीडिया पर तो डीआरएस को एक समय धोनी रिव्यू सिस्टम ही कहा जाता है। आंकड़े बताते हैं कि धोनी का डीआरएस लेने का पास प्रतिशत अन्य क्रिकेटरों से कहीं ज्यादा है।

बैस्ट फिनिशर

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महेंद्र सिंह धोनी अभी भी वनडे क्रिकेट में बैस्ट फिनिशर हैं। अगर पिछले 10 सालों के आंकड़े उठाकर देखें जाएं तो धोनी कोहली के पास रन चेज में सबसे अच्छी औसत वाले बल्लेबाज हैं। रन चेज में जहां धोनी की औसत 90 से ज्यादा है तो वहीं, कोहली की 100 के करीब है। वैसे भी धोनी जब-जब नाबाद लौटते हैं, टीम जरूर जीतती हैं। ऐसा करीब 95 फीसदी बार हुआ है। ऐसे में धोनी को बैस्ट फिनिशर कहना गलत नहीं होगा।

अभी भी फिट 

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धोनी अभी भी टीम इंडिया के सबसे फिट खिलाडिय़ों में से एक हैं। ज्यादातर प्लेयर जब 35 की उम्र के बाद फिटनेस संबंधी समस्याओं से गुजरने लगते हैं वहीं धोनी अभी भी फिट जिंदगी जी रहे हैं। बता दें कि टीम इंडिया में जगह पाने के लिए बीसीसीआई ने अभी भी यो यो टेस्ट को अनिवार्य किया हुआ है। इस टेस्ट के चलते प्रत्येक खिलाड़ी को 16.1 प्वाइंट हासिल करने होते हैं जोकि किसी 35 + वाले क्रिकेटर के लिए आसान नहीं होता। लेकिन धोनी इतनी उम्र होने के बावजूद यह टेस्ट क्लियर कर लेते हैं।

पंत अभी कच्चे हैं

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पंत पर विश्वास इसलिए भी नहीं बढ़ रहा क्योंकि सिलेक्टर्स ने बीते दिनों ही आगामी टी-20 वल्र्ड कप के लिए पंत के अलावा संजू सैमसन और ईशान किशन को भी पूरे चांस देने की बात कही थी। बीसीसीआई सिलेक्टर्स का साफ इशारा था कि अकेले पंत को तीनों फॉर्मेट में जिम्मेदारी देना खतरनाक हो सकता है ऐसे में विकेटकीपिंग के अन्य विकल्प भी तलाशने होंगे। वैसे भी विकेट के पीछे धोनी का अभी भी कोई मुकाबला नहीं है। उनके नाम 150 से ज्यादा रिकॉर्ड स्टंपिंग हैं जोकि अभी तक कोई विकेटकीपर नहीं कर पाया है।

अनुभव का फायदा

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धोनी भले ही 38 साल के हो चुके हैं लेकिन उनका अनुभव अभी भी टीम इंडिया को फायदा दे रहा है। कई दिग्गज क्रिकेटर पहले ही बोल चुके हैं कि लक्ष्य का पीछा करते वक्त पारी को कैसे संवारा जाता है यह धोनी से ज्यादा कोई नहीं जानता। धोनी भारतीय टीम को आईसीसी के तीनों बड़े फॉर्मेट आईसीसी टी-20 वल्र्ड कप, आईसीसी चैम्पियंसशिप ट्रॉफी, आईसीसी क्रिकेट वल्र्ड कप दिलवा चुके हैं। ऐसे में उन्हें ऐसे रुखस्त करना बीसीसीआई भी नहीं चाहेगी।

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