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नई दिल्ली : विनका (60 किग्रा) और टी सनामाचा चानू (75 किग्रा) ने स्वर्ण पदक जीते जिससे भारत के युवा मुक्केबाजों ने मोंटेनेग्रो के बुदवा में चल रही 30वें एड्रियाटिक पर्ल टूर्नामेंट में अपना शनदार प्रदर्शन जारी रखा। दो स्वर्ण पदक के अलावा भारतीय मुक्केबाजों ने दो रजत और तीन कांस्य पदक भी जीते। इससे पहले अल्फिया पठान (81 किग्रा से अधिक) ने मौजूदा टूर्नामेंट में भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता था। 

रोहतक की विनका ने फाइनल में मोलदोवा की क्रिस्टीना क्रिपर को 5-0 से हराया जबकि 75 किग्रा वर्ग में आल इंडिया फाइनल में मणिपुर की सनामाचा ने राज साहिबा को 5-0 से शिकस्त दी। भारत को दूसरा रजत महिला 48 किग्रा वर्ग में मिला जहां गीतिका को कड़ी चुनौती पेश करने के बावजूद फाइनल में उज्बेकिस्तान की फारजोना फोजिलोवा के खिलाफ 1-4 से हार का सामना करना पड़ा। 

महिला 57 किग्रा सेमीफाइनल में प्रीति को मोंटेनेग्रो की बोजाना गोजकोविच के खिलाफ 1-4 की हार के साथ कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। पुरुष वर्ग में प्रियांशु डबास (49 किग्रा) और जुगनू (91 किग्रा से अधिक) ने कांस्य पदक जीते। दोनों मुक्केबाजों को अपने अपने सेमीफाइनल मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। प्रियांशु को उज्बेकिस्तान के इशजोनोव इब्रोखिम के खिलाफ करीबी मुकाबले में 2-3 से हार झेलनी पड़ी जबकि जुगनू को एकतरफा मुकाबले में युक्रेन के वेसिल तकाचुक ने 5-0 से हराया। 

महिला 64 किग्रा क्वार्टर फाइनल में लकी राणा ने उज्बेकिस्तान के गुलशोदा इस्तामोवा को 3-0 से हराया। वह रविवार को ही होने वाले फाइनल में फिनलैंड के लिया पुकिला से भिड़ेंगे। लकी के अलावा भारत की 2 और महिला मुक्केबाज अंतिम दिन स्वर्ण पदक के लिए चुनौती पेश करेंगी। बेबीरोजिसाना चानू (51 किग्रा) और अरूणधति चौधरी (69 किग्रा) भी आज खिताबी मुकाबले में उतरेंगी। बेबीरोजिसाना को उज्बेकिस्तान की सबीना बोबोकुलोवा जबकि अरूणधति को युक्रेन की मारयाना स्टोइको से भिड़ना है। 

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