स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 राउंड के पहले ही मुकाबले में भारत को दक्षिण अफ्रीका से 76 रन से हार का सामना करना पड़ा। यह टी20 फॉर्मेट में भारत की सबसे बड़ी हारों में से एक है। इस हार के बाद टीम इंडिया की सेमीफाइनल की उम्मीदें मुश्किल में पड़ गई हैं। अगर भारत बचे हुए दोनों मैच जीत भी लेता है, तो भी सेमीफाइनल में पहुंचना तय नहीं है।
पिछला रिकॉर्ड और अब की स्थिति
साल 2022 वर्ल्ड कप के बाद भारत ने किसी मल्टीनेशनल इवेंट में टी20 मैच में हार का सामना किया। तब तक उसने 23 मैचों में 21 जीत और 1 बेनतीजा खेला था। लेकिन अब दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार ने टीम की राह और भी जटिल कर दी है।
सुपर-8 में बचे मैच:
26 फरवरी: भारत vs जिम्बाब्वे
1 मार्च: भारत vs वेस्टइंडीज
भारत को इन दोनों मैचों में जीत हासिल करनी होगी और साथ ही अन्य टीमों के नतीजों पर भी नजर रखनी होगी।
मैच का संक्षिप्त विवरण
बीती रात नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद में खेले गए मैच में साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 188 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। जवाब में सूर्यकुमार यादव और टीम बाकी खिलाड़ियों के साथ केवल 111 रन पर ऑलआउट हो गई।
सेमीफाइनल का जटिल समीकरण
टीम इंडिया के लिए सेमीफाइनल में पहुंचना अब सिर्फ अपनी जीत पर नहीं, बल्कि ग्रुप-1 की दूसरी टीम के नतीजों पर भी निर्भर करेगा।
सबसे सरल रास्ता: भारत अपने दोनों मैच जीतता है और साउथ अफ्रीका भी अपने सभी मैच जीतता है। अगर साउथ अफ्रीका कोई मैच हारा, तो भारत, जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के साथ पॉइंट टेबल में टाई की स्थिति में आ जाएगा। 76 रनों की हार के कारण भारत का नेट रन रेट -3.8 है, जो स्थिति को और कठिन बनाता है।
अब क्या करना होगा?
भारत को जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज पर बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी। दूसरी टीमों के नतीजों पर नजर रखनी होगी। साउथ अफ्रीका को भी अपने सारे मैच जीतने चाहिए, अन्यथा भारत के लिए समीकरण और जटिल हो जाएंगे।