स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया के सेमीफाइनल वेन्यू को लेकर बड़ा सस्पेंस बना हुआ है। अगर पाकिस्तान की टीम अंतिम चार में जगह बना लेती है और भारत से उसकी भिड़ंत तय होती है, तो मुकाबला तयशुदा शहर से हटाकर न्यूट्रल वेन्यू पर कराया जाएगा। हाइब्रिड मॉडल के नियमों के तहत भारत-पाकिस्तान मैच किसी तीसरे देश में होगा, जिससे भारतीय टीम को अचानक यात्रा और नई परिस्थितियों में खेलने की चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
हाइब्रिड मॉडल क्या है और क्यों बदल सकता है वेन्यू?
बीसीसीआई और पीसीबी के बीच 2027 तक लागू हाइब्रिड समझौते के तहत भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले सभी मुकाबले न्यूट्रल वेन्यू पर खेले जाएंगे।
यानी चाहे टूर्नामेंट की मेजबानी कोई भी देश कर रहा हो, भारत-पाकिस्तान का मैच किसी तीसरे देश में आयोजित होगा। इसी नियम के कारण अगर दोनों टीमें सेमीफाइनल में भिड़ती हैं तो मुकाबला मुंबई की बजाय कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में होगा। यह नियम पूरे टूर्नामेंट के शेड्यूल को प्रभावित कर चुका है और अब सेमीफाइनल की तस्वीर भी इसी पर निर्भर है।
कब कोलंबो जाएगा भारत?
भारत को सेमीफाइनल के लिए कोलंबो तभी जाना होगा जब पाकिस्तान भी अंतिम चार में जगह बना ले और दोनों टीमों की भिड़ंत तय हो जाए।
अगर सुपर-8 के अलग-अलग ग्रुप्स से भारत और पाकिस्तान इस तरह क्वालीफाई करते हैं कि उनका मुकाबला सेमीफाइनल में बनता है, तो 4 मार्च का मैच कोलकाता से शिफ्ट होकर कोलंबो पहुंच जाएगा।
कब मुंबई में खेलेगा भारत?
अगर पाकिस्तान सेमीफाइनल में नहीं पहुंचता या भारत का सामना किसी और टीम से होता है, तो 5 मार्च को दूसरा सेमीफाइनल मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में ही खेला जाएगा। इस स्थिति में भारत को घरेलू हालात का फायदा मिलेगा और यात्रा की अतिरिक्त थकान से भी बचाव होगा।
फाइनल कहां होगा?
फाइनल 8 मार्च को खेला जाएगा। यह मुकाबला अहमदाबाद या कोलंबो में हो सकता है, जो फाइनल में पहुंचने वाली टीमों पर निर्भर करेगा। भारत सुपर-8 में खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है और लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप जीतने की कोशिश में है। दूसरी ओर पाकिस्तान की राह आसान नहीं रही है। सुपर-8 के शुरुआती मुकाबले में बारिश ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी थीं।
अगर सेमीफाइनल में भारत और पाकिस्तान आमने-सामने आते हैं, तो यह 2007 के टी20 वर्ल्ड कप फाइनल के बाद पहला नॉकआउट मुकाबला होगा, जिससे वैश्विक स्तर पर उत्साह चरम पर पहुंच जाएगा।
टीम इंडिया पर क्या असर पड़ेगा?
अगर मुकाबला कोलंबो में होता है तो भारत को अचानक यात्रा करनी होगी, जिससे रिकवरी और तैयारी का समय प्रभावित हो सकता है। मुंबई की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है, जबकि कोलंबो की सतह स्पिनरों को मदद देती है। ऐसे में रणनीति और प्लेइंग इलेवन में बदलाव संभव है।
इसके अलावा, घरेलू दर्शकों का समर्थन भी कम हो जाएगा, जिससे माहौल पूरी तरह अलग हो सकता है। दिलचस्प बात यह है कि 4 मार्च को संभावित सेमीफाइनल होली के दिन पड़ रहा है, जिससे भारतीय फैंस के लिए यह मुकाबला और भी खास बन सकता है।