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जालन्धर : अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कौंसिल यानी आईसीसी ने नो बॉल के कारण होते विवादों को निपटाने के लिए अपना एक महत्वपूर्ण नियम बदलने की ओर कदम बढ़ा दिया है। यह नियम नो बॉल देने का हक थर्ड अंपायर को देने से जुड़ा है। दरअसल आईपीएल, क्रिकेट विश्व कप के दौरान ऐसा कई बार देखने को मिला था कि नो बॉल के कारण पूरा मैच पलट जाता था। ऐसी स्थितियों से बचने के लिए अब आईसीसी ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

मुंबई से छपते एक अखबार में छपी रिपोर्ट में बीसीसीआई के एक प्रवक्ता का कहना है कि मैच के दौरान नो बॉल को लेते विवाद रोकने के लिए नो बॉल टेक्नोलॉजी लाने का प्रस्ताव है। यह एक ऐसी तकनीक होगी जो सिर्फ गेंदबाज के पांव पर ही नजर रखेगी। इसके तहत थर्ड अंपायर के पास एक कैमरे का एसेस होगा जब उन्हें सिर्फ गेंदबाज के पांव लैंडिंग की फुटेज दिखाएगा। इससे पहले मैदानी अंपायर के पास ही नो बॉल देने का हक था। अगर कोई बल्लेबाज डीआरएस लेता था तो ही थर्ड अंपायर गेंदबाज का पांव देखता था। लेकिन अब नई टेक्नोलॉजी से इसमें सुधार आने की गुंजाइश है।

इसलिए उठी मांग : आईपीएल में मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच खेला गया महत्वपूर्ण मैच एक नो बॉल के कारण ही पलट गया था। दरअसल तेज गेंदबाज लासिथ मलिंगा ने आखिरी ओवर की आखिरी गेंद पर विकेट लेकर मुंबई को मैच जीता दिया था। जब बाद में टीवी रिप्ले देखा गया तो पता चला कि मलिंगा की यह गेंद नो बॉल थी। उक्त वीडियो देखकर आरसीबी कप्तान विराट कोहली भी काफी गुस्से में देखे गए थे। उन्होंने अंपायरों पर जमकर भड़ास भी निकाली थी।

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