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नई दिल्ली : न्यूजीलैंड को भारत के खिलाफ वनडे सीरीज जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले मध्यक्रम बल्लेबाज रॉस टेलर पहले टेस्ट की तैयारियों में डटे हुए हैं। उन्होंने मैच से पहले एक इंटरव्यू के दौरान अपने डैब्यू टेस्ट को याद करते कहा कि वह जब क्रिकेट में नए आए थे तो उन्हें यकीन नहीं था कि वह इतनी दूरी तय कर लेंगे। रॉस ने कहा- साऊथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए मुझे चुना गया था। मुझे तब पता नहीं था कि पहले टेस्ट के बाद मैं कभी खेल पाऊंगा या नहीं। क्योंकि तब (2006 में) ट्वंटी-20 क्रिकेट तेजी से लोकप्रिय हो रहा था। 

I was not sure I would ever play after the first Test: Ross Taylor

रॉस ने कहा- साऊथ अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट के बाद मुझे टीम से बाहर कर दिया गया। बांगलादेश टूर पर मुझे चुना नहीं गया। इसके बाद इंगलैंड की टीम जब न्यूजीलैंड खेलने आई थी तब मुझे दोबारा मौका दिया गया। घरेलू धरती पर खेलते हुए मैंने पहले टेस्ट में शतक लगाया था। तब मुझे अहसास हुआ था कि मैं इस लेवल तक खेल सकता हूं। यहीं से मेरे करियर की राह खुल गई। मैंने अपने तीसरे ही टेस्ट में शतक बना दिया था। इसके बाद वनडे की बारी आई। मैंने शतक लगाया। ऐसे रिकॉर्ड बनाने पर हौसला बढ़ा और अपने गेम को अलग लेवल पर ले गया।

I was not sure I would ever play after the first Test: Ross Taylor

रॉस टेलर ने कहा- मुझे लगता है कि मैंने आज तक जो भी हासिल किया है, उससे खुश हूं। सामान्य तौर पर एक बल्लेबाज के तौर पर आपको बहुत उतार-चढ़ाव से गुजरना पड़ता है। निश्चित तौर पर मैं भी इसका हिस्सा रहा। वेलिंगटन मेरे दिल में एक विशेष स्थान रखता है और मुझे यकीन है कि बहुत सारे परिवार और दोस्त यहां हैं। यहां कुछ ऐसा होगा जिस पर मुझे गर्व होगा और जिसे मैं अपने करियर के अंत में याद करूंगा।
 

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