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नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट के पितामाह माने जाते महाराज रणजीत सिंह (Ranjitsinhji) का आज जन्मदिन हैं। 1872 में गुजरात के जामनगर में जन्मे रणजीत के नाम पर ही भारत में रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy) क्रिकेट खेला जाता है जोकि टीम इंडिया की टेस्ट टीम में मौका पाने का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म हैं। रणजीत लंबे समय तक इंगलैंड टीम के लिए खेले। वह जब खेलते थे तब उनका लेग ग्लांस शॉट बेहद मशहूर हुआ करता था। बाद में इसी शॉट के कारण ही सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) क्रिकेट जगत में अपनी एक विशेष पहचान बनाने में सफल रहे।

रणजीत के खेलने का अंदाज 

Ranjitsinhji

दरअसल, रणजीत जब खेलते थे तब ज्यादातर बल्लेबाज ऑफ साइड पर ही हिट मारने को तरजीह देते थे। कहा जाता है कि क्रिकेट हिस्ट्री में एक समय ऐसा भी था जब लेग साइंड पर शॉट मारने पर बल्लेबाज पहले गेंदबाज तो फिर बाद में विरोधी टीम से माफी मांगता था। इसी धारणा को बाद में रणजीत सिंह ने बदला। उन्होंने क्लार्क के सहारे इतने रन बनाए कि बाद में यही उनकी पहचान बन गया।  रणजी के मुरीदों में महानतम बल्लेबाज डब्ल्यूजी ग्रेस का भी नाम जुड़ा हैं। उन्होंने भी कहा था कि ऐसे बल्लेबाज 100 साल में एक बार पैदा होते हैं।

दर्जन रिकॉर्ड हैं रणजीत के नाम

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रणजीत का डेब्यू बेहद शानदार रहा था। 1896 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलते हुए उन्होंने मैनचेस्टर के मैदान पर पहली पारी में 62 तो दूसरी पारी में 154 का स्कोर बनाया था। वह ऐसे पहले प्लेयर थे जिन्होंने डेब्यू में ही एक शतक और एक अर्धशतक लगाया था। रणजी को उनके 1896 में होव के मैदान पर एक ही दिन में दो शतक लगाने के लिए भी जाना जाता है। रणजी ने इस मैच में 100 और नाबाद 125 रन बनाकर यह अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम किया था।

रणजीत का करियर

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