Sports

स्पोर्ट्स डेस्क (नीलकंठ): भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने कहा है कि महेंद्र सिंह धोनी ने जिस तरह युवा खिलाड़ियों की मांग करके बतौर कप्तान भविष्य में निवेश किया, उसी तरह उनके बारे में ‘व्यवहारिक फैसले' लेने की जरूरत है क्योंकि युवा खिलाड़ी इंतजार में खड़े है। ऐसी अटकलें हैं कि धोनी विश्व कप में भारत के लिए आखिरी वनडे खेल चुके हैं। 

PunjabKesari
गंभीर ने कहा, ‘भविष्य के बारे में सोचना जरूरी है। धोनी जब कप्तान थे तब उन्होंने भविष्य में निवेश किया। मुझे याद है कि धोनी ने आस्ट्रेलिया में कहा था कि मैं, सचिन और सहवाग तीनों सीबी सीरीज नहीं खेल सकते क्योंकि मैदान बड़े हैं।' उन्होंने कहा, ‘उन्होंने विश्व कप के लिए युवा खिलाड़ी मांगे थे। जज्बाती होने की बजाय व्यवहारिक फैसले लेना जरूरी है। युवाओं को मौका देने की जरूरत है। चाहे वह ऋषभ पंत हो, संजू सैमसन, ईशान किशन या कोई और विकेटकीपर। जिसमें भी क्षमता दिखे, उसे विकेटकीपर बनाया जाना चाहिए।' 

गंभीर ने आगे कहा, 'युवाओं को जब तक पर्याप्त मौके नहीं मिलेंगे, वे भारत के लिए अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकेंगे। उन्होंने कहा, ‘उन्हें डेढ साल मौका दें और अगर वे अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते तो किसी और को आजमाया जाए। इससे पता चल जाएगा कि अगले विश्व कप में विकेटकीपर कौन होगा।' गंभीर ने कहा, ‘यह सही है कि धोनी ने हमें दो विश्व कप (2007 और 2011) जिताए लेकिन कप्तान को सफलता का सारा श्रेय देना और नाकाम रहने पर उसे गुनहगार ठहराना गलत है। धोनी ने चैम्पियंस ट्राॅफी और विश्व कप जीते लेकिन दूसरे कप्तान भी भारत को आगे ले गए। अनिल कुंबले और राहुल द्रविड़ ने यह काम किया है।'




 



 

.
.
.
.
.