Sports

बेंगलुरु : भारतीय बल्लेबाज केएल राहुल (KL Rahul) ने भले ही ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग की लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि उनसे लंबे समय तक विकेटकीपिंग नहीं करानी चाहिए। पंत के चोटिल होने के बाद राजकोट में राहुल ने विकेटकीपिंग भी की थी। राहुल ने मुकाबले के दौरान 52 गेंद में 80 रन तो बनाए ही साथ ही साथ कुछ बेहतरीन स्टंपिंग भी की। एक स्टंपिंग एरोन फिंच की भी थी जिसके कारण टीम इंडिया यह मैच जीती। 

केएल राहुल को विकेटकीपिंग करनी चाहिए या नहीं 

kl rahul photo, kl rahul images, kl rahul pic

लेकिन अब भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा (Aakash Chopra) का कहना है कि भले ही राहुल की विकेटकीपिंग राहुल द्रविड़ से बेहतर है। लेकिन उन्हें यह दोहरी जिम्मेदारी नहीं दी जानी चाहिए। चोपड़ा ने कहा- लोकेश राहुल विकेटकीपिंग के मामले में द्रविड़ से बेहतर हैं लेकिन मैं नहीं चाहूंगा कि उन्हें नियमित तौर पर यह जिम्मेदारी दी जाए। यह नहीं होना चाहिए की वह 50 ओवर विकेटकीपिंग करें और फिर शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी करे।

केएल राहुल बल्लेबाज के रूप में कीमती

Akash Chopra
चोपड़ा बोले- अगर कोई बल्ले से अच्छा कर रहा है और वह टीम में कोई और योगदान दे सकता है तो इसका यह मतलब नहीं कि उसे विकेटकीपिंग भी करनी चाहिए। लोकेश राहुल एक विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में मेरे लिए बहुत कीमती हैं। इस तरह उसके कार्यभार को प्रबंधित करने के बजाय आप उसे बढ़ा रहे हैं।

नयन मोंगिया भी बोले- केएल राहुल लंबा विकल्प नहीं

Nayan Mongia
भारतीय टीम के पूर्व विकेटकीपर नयन मोंगिया (Nayan Mongia) का भी मानना है कि राहुल लंबे समय के लिए विकेटकीपर का विकल्प नहीं हो सकते। मोंगिया ने कहा-वह टीम में शानदार दूसरे विकेटकीपर हो सकते हैं। वह एकदिवसीय में नियमित विकेटकीपर नहीं हो सकते हैं। टी-20 अंतरराष्ट्रीय में यह चल जाएगा लेकिन एकदिवसीय में नहीं। टीम में नियमित विकेटकीपर होना चाहिए। उन्होंने कहा-अगर वह नियमित तौर पर विकेटकीपिंग करेंगे तो उनकी बल्लेबाजी प्रभावित होगी। वह बतौर बल्लेबाज ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।

केएल राहुल ले रहे विकेटकीपिंग का मजा

वहीं, केएल राहुल अभी विकेटकीपिंग का मजा ले रहे हैं। दूसरे वनडे के बाद उन्होंने अपनी विकेटकीपिंग पर बात करते हुए कहा था कि विकेटकीपिंग एक चुनौती है। यहां तक कि मैं कुछ अवसरों पर कुलदीप (यादव) और (रविंद्र) जडेजा की गेंदों की गति नहीं समझ पाता। मुझे अपनी प्रथम श्रेणी टीम के साथ इस तरह की गेंदबाजी का सामना नहीं करना पड़ा था। मुझे जो भी जिम्मेदारी सौंपी जा रही है मैं केवल उसका आनंद उठा रहा हूं और अपनी तरफ से सर्वश्रेष्ठ करने का प्रयास कर रहा हूं।

.
.
.
.
.