Sports

लंदन : इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) अपने खिलाड़ियों के मीडिया अकाउंट की समीक्षा करेगा जिससे खिलाड़ियों पर उनकी आपत्तिजनक पोस्ट के लिये अनुशासनात्मक प्रतिबंध लग सकता है। ईसीबी ने इससे पहले तेज गेंदबाज ओली रोबिनसन को उन नस्लीय ट्वीट पर निलंबित कर दिया था जो उन्होंने 2012-13 में की थी। ये ट्वीट पिछले हफ्ते न्यूजीलैंड के खिलाफ लार्ड्स पर ड्रा हुए पहले टेस्ट में उनके इंग्लैंड के लिए पदार्पण मैच के दौरान सामने आई जिसके बाद हंगामा खड़ा हो गया और खेल में नस्लवाद को लेकर बहस फिर से शुरू हो गई।

जांच लंबित रहने तक खिलाड़ी को निलंबित कर दिया गया क्योंकि ईसीबी एक अन्य खिलाड़ी की आपत्तिजनक ट्वीट की जांच कर रहा है। ईसीबी ने एक बयान में कहा कि बोर्ड कार्यकारी की सोशल मीडिया समीक्षा की सिफारिश पर सहमत हो गया जिसमें किसी भी पुराने मुद्दे का निपटारा किया जाएगा, खिलाड़ियों को आगे उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारियों की याद दिलायी जाएगी और उन्हें साथ ही सबक सीखने में मदद होगी। ईसीबी बोर्ड की एक बैठक बुधवार को हुई थी। 

ईसीबी ने बयान में कहा कि बोर्ड स्पष्ट था कि यह प्रक्रिया भविष्य में और अनुशासनात्मक कार्रवाई से नहीं बचाएगी, अगर यह जरूरी हुई तो लेकिन उम्मीद जताई गई कि खेल इस मुश्किल समय से मजबूती से निकल सकता है। इस समीक्षा में प्रशासक, खिलाड़ी, कोच और पेशेवर क्रिकेटर संघ सभी शामिल होंगे। ईसीबी के अध्यक्ष इयान वाटमोर ने बोर्ड की विविधता और समावेशिता पर प्रतिबद्धता दोहराई।

उन्होंने कहा कि क्रिकेट को सभी का खेल बनाना खेल की ‘प्रेरणादायक पीढ़ी' की रणनीति का केंद्र है। राष्ट्रीय संचालन संस्था के तौर पर हमें एक छवि पेश करने में मदद के लिए एक बीच का रास्ता तय करना चाहिए, उन्हें शिक्षित करना चाहिए कि उनसे क्या उम्मीद की जाती है और उन्हें सार्वजनिक रूप से खुद को व्यक्त करने की जगह भी देनी चाहिए। वाटमोर ने कहा, ‘‘हमें उनके एक्शन की भी जांच करनी चाहिए और इसमें कमी आने पर उन्हें दंडित भी करना चाहिए।

.
.
.
.
.