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टोक्यो : पैरालंपिक खेलों में पदार्पण करने के वाले निशानेबाज सिंहराज अडाना ने दो पदकों के साथ अपने अभियान को खत्म करने के बाद शनिवार को कहा कि अपनी स्पर्धा में भारतीय ध्वज को सबसे ऊंचा फहराते देखने का उनका सपना पूरा हो गया है। अडाना ने मिश्रित 50 मीटर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा में रजत पदक जीता तो वही इसका स्वर्ण पदक 19 साल के मनीष नरवाल के नाम रहा। 

पी1 पुरूषों की दस मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा में मंगलवार को कांस्य जीतने वाले अडाना ने 216.7 अंक बनाकर रजत पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही अडाना एक ही खेलों में दो पदक जीतने वाले चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हो गए। अडाना ने कहा कि जब मैंने राष्ट्रगान के साथ अपने झंडे को फहराते देखा तो मुझे बहुत खुशी हुई। मैं अपने कांस्य और रजत पदक के लिए टोक्यो पैरालंपिक को हमेशा याद रखूंगा। अडाना के पैर का निचला हिस्सा पोलियो के कारण विकृत हो गया था।

उन्होंने कहा कि मैंने हमेशा भारत के झंडे को सबसे ऊंचा फहराते हुए देखने का सपना देखा था, वह सपना आज पूरा हो गया है। मुझे सबका आशीर्वाद और प्यार याद रहेगा। मेरे कोचों और सहयोगी कर्मचारियों को बहुत-बहुत धन्यवाद। इस वर्ग में विश्व रिकॉर्डधारी 19 वर्ष के नरवाल ने भी अपने पदार्पण पैरालम्पिक में स्वर्ण पदक जीता नरवाल ने कहा कि मैं इस पदक के लिए अपने परिवार, कोचों और सभी भारतीयों को तहे दिल से धन्यवाद देना चाहता हूं। दाहिने हाथ में विकार के शिकार नरवाल की शुरुआत धीमी रही लेकिन इसके बाद फरीदाबाद के इस युवा ने शानदार वापसी की। वह पी1 पुरूषों की दस मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा के क्वालीफाइंग में शीर्ष पर रहे थे लेकिन फाइनल में सातवें स्थान पर खिसक गये। उन्होंने मिश्रित स्पर्धा में हालांकि स्वर्ण जीतकर अपना लोहा मनवाया। 

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