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स्पोर्ट्स डेस्क : आईसीसी वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से हारने के बाद भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास पर अटकलें लगातार जारी हैं। वहीं इस मामले में धोनी के बचपन के कोच केशव बनर्जी का मानना है कि वनडे के मुकाबले टी-20 में ज्यादा जद्दोजहद नहीं करनी पड़ेगी जिस कारण माही को अभी संन्यास नहीं लेना चाहिए और टी-20 वर्ल्ड कप तक भारतीय टीम में खेलते रहना चाहिए।

बनर्जी ने कहा कि 50 ओवर की विकेटकीपिंग और फिर बल्लेबाजी के साथ वनडे खेलना शरीर के लिए बेहद मुश्किल होता है। इसके बाद गेंदबाजों और फील्डरों की मदद करने के अतिरिक्त दबाव की वजह से वह हमेशा मैदान पर एक्शन में रहते हैं। वहीं टी-20 में उन्हें इतनी जद्दोजहद नहीं करनी पड़ेगी। इसी कारण मेरा मानना है कि धोनी को टी-20 फॉर्मेट में खेलना चाहिए। उन्होंने कहा कि धोनी के मौजूदा फिटनेस स्तर से पता चलता है कि खेल के सबसे छोटे प्रारूप में यह पर्याप्त है। 

जहां तक धोनी के रिटायरमेंट बात है तो इस पर ना भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की और ना ही धोनी की तरफ से कोई बयान जारी किया गया है। हालांकि उनके बचपन के कोच की मानें तो जल्द ही इस बारे में फैसला लिया जाना चाहिए।

गौर हो कि विश्व कप में धोनी की बल्लेबाजी पर भी सवाल उठे थे। लेकिन इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि जब टीम को उनकी जरूरत थी तो वह क्रीज पर डटे रहे और मैच को अंत तक ले गए। जहां तक विश्व कप-2019 में उनके प्रदर्शन की बात है तो 8 मैचों में उन्होंने 273 रन बनाए, जो किसी भी भारतीय मध्यक्रम के बल्लेबाजों द्वारा सबसे अधिक है। 

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