Sports

नई दिल्ली : भारत के रोहित शर्मा और गौतम गंभीर समेत मौजूदा और पूर्व क्रिकेटरों ने चौके छक्के गिनकर विश्व कप विजेता का निर्धारण करने वाले आईसीसी के ‘हास्यास्पद' नियम की जमकर आलोचना की, जिस नियम की वजह से लाडर्स पर फाइनल में इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को हराया। इंग्लैंड ने मैच में 22 चौके और दो छक्के लगाए जबकि न्यूजीलैंड ने 16 चौके लगाए।

 

भारत के सलामी बल्लेबाज रोहित ने ट्वीट किया, ‘क्रिकेट के कुछ नियमों पर गंभीरता से गौर करने की जरूरत है।' 

 

पूर्व क्रिकेटर और सांसद गंभीर ने ट्विटर पर लिखा, ‘समझ में नहीं आता कि विश्व कप फाइनल जैसे मैच के विजेता का निर्धारण चौकों छक्कों के आधार पर कैसे हो सकता है। हास्यास्पद नियम। यह टाई होना चाहिए था। मैं न्यूजीलैंड और इंग्लैंड दोनों को बधाई देता हूं।'

 

विश्व कप 2011 के प्लेयर आफ द टूर्नामेंट रहे युवराज सिंह ने लिखा, ‘मैं नियम से सहमत नहीं हूं लेकिन नियम तो नियम है। इंग्लैंड को आखिरकार विश्व कप जीतने पर बधाई। मैं न्यूजीलैंड के लिए दुखी हूं जिसने अंत तक जुझारूपन नहीं छोड़ा। शानदार फाइनल।' 

 

न्यूजीलैंड के पूर्व हरफनमौला स्काट स्टायिरस ने लिखा, ‘शानदार काम आईसीसी। आप एक लतीफा हो।' भारत के महान स्पिनर बिशन सिंह बेदी ने ट्वीट किया, ‘आईसीसी के अकल्पनीय नियमों से इंग्लैंड विश्व कप जीता। यह बेहतर होता कि इंग्लैंड और न्यूजीलैंड संयुक्त विजेता बनते। न्यूजीलैंड ने ऐसे जबर्दस्त नतीजे के लिए अधिक मेहनत की। इंग्लैंड के जीतने की तो पहले से अपेक्षा की जा रही थी। सोचो आईसीसी सोचो।' 

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज डीन जोंस ने लिखा, ‘डकवर्थ लुईस प्रणाली रन और विकेट पर निर्भर है। इसके बावजूद फाइनल में सिर्फ चौकों छक्कों को आधार माना गया। मेरी राय में यह गलत है।' न्यूजीलैंड के पूर्व हरफनमौला डियोन नैश ने कहा, ‘मुझे लग रहा है कि हमारे साथ छल हुआ है। यह बकवास है। सिक्के की उछाल की तरह फैसला नहीं हो सकता। नियम हालांकि पहले से बने हुए हैं तो शिकायत का कोई फायदा नहीं।' 

.
.
.
.
.