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काठमांडू : अनुभवी शेरपाओं के समूह ने शुक्रवार को दुनिया के पांचवें सबसे ऊंचे पर्वत मकालू के कैंप चार के ऊपरी हिस्से से दो भारतीय पर्वतारोहियों के शव निकाले, जो गत सप्ताह नीचे उतरते हुये जान गंवा बैठे। प्रतिष्ठित बचावकर्मी शेरपा मिंग्मा डेविड ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा, हमने दो भारतीय पर्वतारोही नारायण सिंह और दिपांकर घोष के शवों को सफलतापूर्वक निकाल लिया है।' बुधवार से ही 14 शेरपाओं का एक दल इन पर्वतारोहियों की तलाश और बचाव अभियान में जुटा था।

नारायण का शव मुख्य बिंदू से कुछ मीटर नीचे से बरामद हुआ जबकि दिपांकर का शव कैंप चार से कुछ मीटर की दूरी पर जाकर मिला। सेवन समिट ट्रैक्स के निदेशक चांग दावा शेरपा की अगुवाई में शेरपाओं ने तलाशी एवं बचाव अभियान चलाया। शेरपा ने कहा, ‘हमारा दल शुक्रवार की शाम तक दोनों मृतक पर्वतारोहियों का शव बेस कैंप तक ले आएगा।' स्वर्गीय पर्वतारोही नारायण माउंट मकालू पर भारतीय सेना की प्रथम चढ़ाई दल के सदस्य रहे थे। उन्होंने अपनी आखिरी सांस इसी पर्वत पर करीब 8200 मीटर की ऊंचाई पर ली जबकि कोलकाता के दीपांकर की मुख्य बिंदू से वापसी के दौरान मौत हो गई।        

सेवन समिट ट्रैक्स के अध्यक्ष मिंगमा शेरपा ने साथ ही बताया कि नौ पर्वतारोहियों के एक अन्य दल को माउंट एवरेस्ट के बालकनी क्षेत्र से हालांकि 39 साल के आयरिश प्रोफेसर सीन लॉलेस को ढूंढने में अभी भी संघर्ष करना पड़ रहा है। आयरिश पर्वतारोही नोएल हाना इस तलाशी अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। ट्रिनिटी कॉलेज में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के सह प्रोफेसर सीन द्वारा उपयोग किया गया कुछ सामान ही इस दल को अब तक बरामद हुआ है। वह 16 मई को जब इस क्षेत्र से नीचे उतर रहे थे तभी लापता हो गए थे। 

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