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नई दिल्ली: बीसीसीआई के आचरण अधिकारी डी के जैन ने शनिवार को कपिल देव की अगुवाई वाली क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) को हितों के टकराव के संबंध में नोटिस भेजा। सीएसी में कपिल, शांता रंगास्वामी और अंशुमन गायकवाड़ शामिल हैं जिसने हाल में भारत के मुख्य कोच का चयन किया था। उनके खिलाफ हितों के टकराव के आरोप लगाए गए हैं जिस पर उन्हें दस अक्टूबर तक जवाब देना होगा। 

मध्यप्रदेश क्रिकेट संघ (एमपीसीए) के आजीवन सदस्य संजीव गुप्ता ने इन तीनों के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी है। इस समिति ने अगस्त में रवि शास्त्री को मुख्य कोच चुना था। बीसीसीआई अधिकारी ने कहा, ‘हां, उन्हें शिकायत का जवाब हलफनामे के साथ देने के लिये कहा गया है।' बीसीसीआई संविधान के अनुसार सीएसी का कोई भी सदस्य क्रिकेट में कोई अन्य भूमिका नहीं निभा सकता है। गुप्ता ने अपनी शिकायत में कहा है कि सीएसी सदस्य एक साथ कई भूमिकाएं निभा रहे हैं। उन्होंने लिखा है कि 1983 की विश्व चैंपियन टीम के कप्तान कपिल सीएसी के अलावा कमेंटेटर, एक फ्लडलाइट कंपनी के मालिक और भारतीय क्रिकेटर्स संघ के सदस्य हैं। 

इसी तरह से गुप्ता ने आरोप लगाया कि गायकवाड़ का भी हितों का टकराव बनता है क्योंकि वह एक अकादमी के मालिक हैं और बीसीसीआई से मान्यता प्राप्त समिति के सदस्य हैं। उनके अनुसार पूर्व भारतीय महिला कप्तान रंगास्वामी सीएसी के अलावा आईसीए में भी हैं। सीएसी ने दिसंबर में महिला टीम के मुख्य कोच के रूप में डब्ल्यूवी रमन का चयन किया था लेकिन तब वह तदर्थ समिति थी। 

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