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कुआलालंपुर: नए सत्र की शुरुआत के साथ ही भारतीय बैडमिंटन की निगाहें मलेशिया ओपन सुपर 1000 पर टिक गई हैं, जहां लक्ष्य सेन के साथ पी.वी. सिंधू, सात्विक-चिराग और कई युवा खिलाड़ी चुनौती पेश करेंगे। 14.5 लाख डॉलर इनामी इस बड़े टूर्नामेंट में भारतीय शटलर्स न सिर्फ 2025 की निराशाओं को पीछे छोड़ना चाहेंगे, बल्कि दमदार प्रदर्शन के जरिए नए साल का सकारात्मक आगाज करने के इरादे से कोर्ट पर उतरेंगे।

पिछले साल की निराशा, अब नए साल से उम्मीदें

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों के लिए 2025 का साल खास नहीं रहा, जहां कई शीर्ष खिलाड़ी चोटों और खराब फॉर्म से जूझते नजर आए। ऐसे में मलेशिया ओपन को खिलाड़ी न सिर्फ वापसी का मंच मान रहे हैं, बल्कि अगले सप्ताह दिल्ली में होने वाले इंडिया ओपन सुपर 750 की तैयारी के लिहाज से भी इसे अहम मान रहे हैं।

लय में लौटे लक्ष्य सेन

पेरिस ओलंपिक में चौथे स्थान के बाद खराब दौर से गुजर रहे विश्व चैंपियनशिप 2021 के कांस्य पदक विजेता लक्ष्य सेन ने हाल ही में ऑस्ट्रेलियन ओपन सुपर 500 जीतकर लय हासिल की है। 24 वर्षीय अल्मोड़ा के खिलाड़ी हांगकांग ओपन के फाइनल में भी पहुंचे थे। लक्ष्य पहले दौर में सिंगापुर के जिया हेंग जेसन तेह के खिलाफ उसी फॉर्म को बरकरार रखने की कोशिश करेंगे।

आयुष शेट्टी के सामने बड़ी चुनौती

यूएस ओपन सुपर 300 चैंपियन युवा आयुष शेट्टी का पहले दौर में सामना पेरिस ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मलेशिया के ली जी जिया से होगा, जो उनके लिए कड़ी परीक्षा साबित हो सकती है।

चोट से वापसी कर रहीं पी.वी. सिंधू

दो बार की ओलंपिक पदक विजेता और पूर्व विश्व चैंपियन पी.वी. सिंधू के लिए पिछला साल निराशाजनक रहा। पैर की चोट के कारण वह अक्टूबर के बाद से कोर्ट से दूर थीं। सिंधू पहले दौर में चीनी ताइपै की सुंग शुओ युन से भिड़ेंगी।

युवा और वापसी कर रहे खिलाड़ियों पर नजर

दूसरी बार ओडिशा ओपन खिताब जीतने वाली उन्नति हुड्डा का सामना पहले दौर में टोक्यो ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता और चौथी वरीयता प्राप्त चीन की चेन यू फेई से होगा। वहीं, बाएं घुटने की चोट के कारण छह महीने बाद वापसी कर रहीं मालविका बंसोड की टक्कर पूर्व विश्व चैंपियन थाईलैंड की रेचानोक इंतानोन से होगी।

सात्विक-चिराग से बड़ी उम्मीदें

तीसरी वरीयता प्राप्त सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने पिछले साल हांगकांग ओपन और चाइना मास्टर्स के फाइनल में जगह बनाई थी और विश्व चैंपियनशिप में दूसरी बार कांस्य पदक जीता था। एशियाई खेल चैंपियन यह जोड़ी पहले दौर में चीनी ताइपै के ली झे हुइ और यांग पो सुआन से भिड़ेगी। भारत की ही जोड़ी एम.आर. अर्जुन और हरिहरन अम्साकरूनन का सामना जापान के हिरोकी मिदोरिकावा और के. यामाशिता से होगा।

महिला युगल में भी चुनौतीपूर्ण शुरुआत

महिला युगल में गायत्री गोपीचंद और त्रिसा जॉली की जोड़ी पहले दौर में इंडोनेशिया की फेब्रियाना डी कुसुमा और मेलिसा त्रियास पुष्पितासारी से मुकाबला करेगी। नए साल की इस पहली बड़ी परीक्षा में भारतीय खिलाड़ियों से मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद होगी, ताकि आने वाले टूर्नामेंटों के लिए आत्मविश्वास हासिल किया जा सके।