स्पोर्ट्स डेस्क : भारत और न्यूजीलैंड के बीच जारी वनडे सीरीज से पहले टीम इंडिया को बड़ा झटका तब लगा, जब ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर चोट के कारण बाहर हो गए। उनकी अनुपस्थिति में चयनकर्ताओं ने आखिरी दो वनडे मुकाबलों के लिए दिल्ली के युवा ऑलराउंडर आयुष बडोनी को टीम में शामिल किया। हालांकि यह फैसला सर्वसम्मति से स्वीकार नहीं किया गया। कई क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञों का मानना था कि इस मौके पर रियान पराग या रिंकू सिंह जैसे खिलाड़ी भी मजबूत विकल्प हो सकते थे।
चयन पर उठे सवाल, लेकिन टीम मैनेजमेंट का समर्थन
आयुष बडोनी के चयन को लेकर सोशल मीडिया और क्रिकेट हलकों में बहस तेज हो गई। आलोचकों का तर्क था कि बडोनी की जगह ऐसे बल्लेबाज को मौका दिया जाना चाहिए था, जो हाल के समय में ज़्यादा प्रभावशाली रहा हो। इसी बीच न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे से पहले भारतीय टीम के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने इस फैसले का खुलकर समर्थन किया।
सितांशु कोटक ने क्यों बताया बडोनी को सही विकल्प
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोटक ने कहा कि बडोनी ने इंडिया A और IPL में मिले मौकों का बेहतरीन इस्तेमाल किया है। उनके अनुसार, वॉशिंगटन सुंदर जैसे ऑलराउंडर की जगह भरने के लिए ऐसा खिलाड़ी चाहिए जो बल्लेबाज़ी के साथ-साथ गेंदबाजी में भी योगदान दे सके। बडोनी की राइट-आर्म ऑफ-ब्रेक गेंदबाजी उन्हें एक उपयोगी छठा बॉलिंग ऑप्शन बनाती है। कोटक ने यह भी समझाया कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में सिर्फ पांच गेंदबाज़ों के साथ उतरना जोखिम भरा हो सकता है। अगर मैच के दौरान कोई गेंदबाज़ चोटिल हो जाए, तो अतिरिक्त बॉलिंग ऑप्शन बेहद ज़रूरी हो जाता है।
इंडिया A और घरेलू क्रिकेट में बडोनी का प्रदर्शन
आयुष बडोनी ने इंडिया A के लिए वनडे क्रिकेट में भरोसेमंद प्रदर्शन किया है। अब तक 27 लिस्ट A मैचों में उन्होंने 36.47 की औसत से 693 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और पांच अर्धशतक शामिल हैं। उनका स्ट्राइक रेट 93 से अधिक रहा है, जो उन्हें एक आक्रामक मिडिल-ऑर्डर बल्लेबाज़ बनाता है। गेंदबाजी में भी उन्होंने उपयोगी योगदान दिया है। बडोनी ने 18 विकेट 29.72 की औसत और 4.54 की इकॉनमी से लिए हैं, जो सीमित ओवरों में एक पार्ट-टाइम गेंदबाज के तौर पर काबिले-तारीफ है।
इंडिया A टूर और ऑस्ट्रेलिया A के खिलाफ अनुभव
साउथ अफ्रीका A के भारत दौरे के दौरान बडोनी ने दूसरे अनऑफिशियल वनडे में 66 रनों की अहम पारी खेली थी। इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया A के खिलाफ उन्होंने गेंद से भी प्रभाव छोड़ा और दो मैचों में तीन विकेट झटके। भले ही ये आंकड़े बहुत बड़े न हों, लेकिन चयनकर्ताओं के लिए उनकी ऑलराउंड क्षमता अहम रही।
IPL में LSG के लिए भरोसेमंद मिडिल-ऑर्डर बल्लेबाज
इंडियन प्रीमियर लीग में लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए खेलते हुए बडोनी ने खुद को एक स्थिर मिडिल-ऑर्डर बल्लेबाज़ के रूप में स्थापित किया है। 56 IPL मैचों में उन्होंने 138 से अधिक के स्ट्राइक रेट से 963 रन बनाए हैं, जिसमें छह अर्धशतक शामिल हैं। दबाव में रन बनाने की उनकी क्षमता टीम इंडिया के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।