नई दिल्ली/ढाका: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बायकॉट के चलते पहले ही आलोचनाओं का सामना कर रहे बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं। महिला क्रिकेटर्स से जुड़े यौन उत्पीड़न मामलों में कथित लापरवाही को लेकर बांग्लादेश हाईकोर्ट ने BCB को जमकर फटकार लगाई है। कोर्ट ने न सिर्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए, बल्कि तत्काल प्रभाव से एंटी-सेक्सुअल हैरेसमेंट पॉलिसी लागू करने का भी आदेश दिया है।
टी20 वर्ल्ड कप बायकॉट के बाद बढ़ी BCB की परेशानी
खिलाड़ियों की सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए बांग्लादेश ने भारत में होने वाले मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद ICC ने कड़ा रुख अपनाते हुए बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। इसी बीच अब महिला क्रिकेटर्स की सुरक्षा से जुड़ा मामला सामने आने से BCB एक और बड़े विवाद में घिर गया है।
हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, BCB से मांगा जवाब
द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार (2 फरवरी) को पूर्व नेशनल शूटर सबरीना सुल्ताना की याचिका पर सुनवाई के दौरान बांग्लादेश हाईकोर्ट ने BCB से पूछा कि उसे “गैर-कानूनी, अधिकारहीन और जनहित के खिलाफ संस्था” क्यों न घोषित कर दिया जाए। कोर्ट ने विशेष रूप से पूर्व महिला कप्तान जहानारा आलम के मामले में लापरवाही को लेकर बोर्ड से अब तक की गई कार्रवाई और आगे की योजना पर जवाब मांगा।
एंटी-सेक्सुअल हैरेसमेंट पॉलिसी लागू करने का आदेश
हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि जब तक इस पूरे मामले पर अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक कोर्ट की गाइडलाइंस के अनुसार BCB को तुरंत एंटी-सेक्सुअल हैरेसमेंट पॉलिसी लागू करनी होगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों की सुरक्षा से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जहानारा आलम के गंभीर आरोप
नवंबर 2025 में पूर्व महिला कप्तान जहानारा आलम ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि उनके करियर के दौरान उन्हें कई बार परेशान किया गया और गलत प्रस्ताव दिए गए। उन्होंने कहा कि करियर और आय पर असर पड़ने के डर से वह लंबे समय तक चुप रहीं। जहानारा के मुताबिक, कुछ अधिकारियों ने उनसे संपर्क करने के लिए बिचौलियों का इस्तेमाल किया और इनकार करने पर उन्हें अपमानित किया गया। उन्होंने यह मुद्दा कई बार बोर्ड के सामने उठाया, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
जांच में देरी बनी बड़ी वजह
आरोप सामने आने के बाद BCB ने पहले तीन सदस्यीय और फिर पांच सदस्यीय जांच समिति बनाई, लेकिन रिपोर्ट सौंपने की तारीख बार-बार टलती रही। पहले 2 दिसंबर, फिर 21 दिसंबर और बाद में 31 जनवरी तक रिपोर्ट देने की बात कही गई। क्रिकबज के अनुसार, कोर्ट के आदेश के बाद BCB को जांच रिपोर्ट मिल गई है, लेकिन यह अभी साफ नहीं है कि इसे सार्वजनिक किया जाएगा या नहीं।