स्पोर्ट्स डेस्क : राजस्थान रॉयल्स (RR) के बल्लेबाज नितीश राणा ने अपने बचपन की यादों को ताजा करते हुए अपने क्रिकेट आदर्श का खुलासा किया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जब भी भारत खेलता था तो घर में झगड़ा होना लाजिमी था। राणा ने एक पॉडकास्ट में कहा कि वह सौरव गांगुली को अपना आदर्श मानते हैं जबकि उनके पिता और भाई हाल ही में सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ को पसंद करते हैं जिसके कारण प्रतिस्पर्धा के कारण कभी-कभी झगड़े भी होते हैं।
नीतीश ने कहा, 'पिता जी सचिन तेंदुलकर के बहुत बड़े प्रशंसक थे। मुझे सौरव गांगुली बहुत पसंद थे और मेरे भाई को राहुल द्रविड़ सर। इसलिए जब भी भारत खेलता था तो हमारे घर में झगड़ा होना लाजिमी था। हम तीनों में से किसी न किसी को परेशान या गुस्सा होना ही था। क्योंकि ऐसा बहुत कम होता था कि तीनों एक साथ रन बनाते हों। मेरे साथ जो होता था, वह यह था कि राहुल सर अपने करियर के शिखर पर थे, इसलिए मेरे और मेरे भाई के बीच बहुत झगड़े होते थे। जाहिर है, हम अपने पिता से कुछ नहीं कह सकते थे।'
राणा ने यह भी खुलासा किया कि जब द्रविड़ का प्रदर्शन अच्छा नहीं चल रहा था, तो वह अक्सर खुद को कमरे में बंद करके रोते थे। उन्होंने कहा, 'तुम्हारे खिलाड़ी ने रन नहीं बनाए, मेरे खिलाड़ी ने बनाए' जैसी बातें। मैं बहुत परेशान हो जाता था और अपने कमरे में रोता था और सोचता था 'सौरव गांगुली कैसे हो गए। आज नहीं, मुझे अपने भाई को दिखाना था'। दूसरी ओर, राहुल द्रविड़ लगातार शतक बनाते थे। इसलिए मेरी बचपन की यादें यही हैं।'
राणा ने भारत के लिए पदार्पण तब किया जब द्रविड़ मुख्य कोच थे और पूर्व खिलाड़ी ने इसे 'पूर्ण-चक्र' क्षण बताया। उन्होंने कहा, 'मेरा पहला भारतीय दौरा राहुल सर के साथ था। अगर मैं इसे अपने बचपन से जोड़कर देखूं, तो यह एक बड़ी उपलब्धि है। जहां मैं उनके बचपन से लेकर उनके अधीन खेलने तक के बारे में सोचता रहता था। ये चीजें मेरे दिल के बहुत करीब हैं।'