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टोक्यो : भारतीय महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच शोर्ड मारिन को अपनी टीम पर गर्व है और ओलिम्पिक कांस्य पदक मुकाबले में पराजय के बावजूद उन्होंने अपने खिलाडिय़ों से को आंसू रोकने के लिए नहीं कहा लेकिन उनका कहना है कि अपने दिलेर प्रदर्शन से पूरे देश को प्रेरित करने वाली टीम को खुश होना चाहिए। भारतीय टीम टोक्यो ओलिम्पिक में कांस्य पदक के मुकाबले में ब्रिटेन से 3-4 से हार गई। ओलिम्पिक में यह अब तक का भारतीय महिला हॉकी टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है जो पहली बार सेमीफाइनल में पहुंची।

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मारिन ने कहा- हारने पर दुख होता है लेकिन मैं फख्र महसूस कर रहा हूं। मुझे इन लड़कियों पर गर्व है जिन्होंने एक बार फिर अपना कौशल और जुझारूपन दिखाया। उन्होंने कहा कि मैंने उनसे कहा कि मैं तुम्हारे आंसू तो नहीं पोछ सकता। तुम्हें कोई शब्द सांत्वना नहीं दे सकता। तुमने पदक नहीं जीता लेकिन उससे बड़ा कुछ जीता है। अपने  देश को प्रेरित किया है और गौरवान्वित किया है।

मारिन ने कहा कि दुनिया ने एक अलग ही भारतीय टीम देखी और मुझे उस पर गर्व है। उन्होंने टीम के जुझारूपन की तारीफ करते हुए कहा कि आम तौर पर भारतीय टीम दो गोल से पिछडऩे के बाद 3-0 या 4-0 से हार जाती रही है लेकिन अब नहीं। हमने पिछडऩे के बाद वापसी की और बढ़त भी बना ली थी। उन्होंने हार नहीं मानी।

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कोच ने उम्मीद जताई कि खेलों से खाली हाथ लौटने के बावजूद अपने शानदार प्रदर्शन के कारण देश पलक पावड़े बिछाकर इन खिलाडिय़ों का स्वागत करेगा। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार साल भारत में बिताना मेरा सौभाग्य रहा है। मैं लोगों के प्यार से अभिभूत हूं। उम्मीद है कि भारत गर्मजोशी से इन लड़कियों का स्वागत करेगा।

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