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मुंबई : रविवार को घोषित किए गए टी20 और टेस्ट दल में वॉशिंगटन सुंदर जगह बनाने में कामयाब नहीं हो पाए हैं। इसके बावजूद पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री का मानना है कि वॉशिंगटन भविष्य में भारत के तीनों प्रारूपों के हरफनमौला खिलाड़ी बनेंगे। वॉशिंगटन का टेस्ट डेब्यू शास्त्री के कोचिंग कार्यकाल के दौरान ही हुआ था। साल 2021 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उन्होंने भारतीय टीम की जीत में एक अहम भूमिका निभाई थी। 

शास्त्री ने कहा, 'वह भविष्य में भारत के प्रमुख ऑलराउंडरों में से एक होने जा रहे हैं। वह भारतीय क्रिकेट का भविष्य हैं। आपके पास रवींद्र जडेजा आज हैं। तीन साल बाद अगर वह फिट रहे तो खेलेंगे, अक्षर पटेल भी हैं लेकिन यह खिलाड़ी आने वाले समय में तीनों प्रारूपों का प्रमुख ऑलराउंडर होगा।' उन्होंने कहा, 'वॉशिंगटन एक गंभीर क्रिकेटर है। वह अभी भी बहुत कम उम्र के हैं, उसे अपने खेल को समझना होगा। सफेद गेंद की प्रारूप में शॉट चयन में वह जल्द ही सुधार करेंगे। उन्हें अपनी फिटनेस पर काम करना होगा ताकि वह चोट से ग्रस्त न हो। कोई बहाना नहीं। 

पूर्व मुख्य कोच ने कहा कि वह एक्स, वाई, जेड पर निर्भर नहीं हो सकता। उसे खुद को आईने में देखना होगा और कहना होगा कि मैं कड़ी मेहनत करना चाहता हूं और मैं अगले तीन वर्षों में भारतीय क्रिकेट में अग्रणी ऑलराउंडर बनना चाहता हूं और वह आसानी ऐसा कर सकता है।' शास्त्री ने कहा कि 22 वर्षीय वॉशिंगटन टेस्ट टीम में आसानी से फिट हो सकते हैं, लेकिन उन्हें टी20 में अपनी बल्लेबाजी पर काम करने की जरूरत है। शास्त्री ने कहा, ‘टी20 में शॉट्स के चयन में पर उन्हें काम करना होगा। 

टेस्ट क्रिकेट में वह भविष्य में नंबर 6 के स्थान पर कब्जा कर सकते हैं। विदेशों में वह आपको एक विशेषज्ञ स्पिनर के तौर पर गेंदबाज़ी करते हुए टीम को संतुलन देते हैं। भारत में वह नंबर 6 पर बल्लेबाज़ी कर सकते हैं।' 'टी20 क्रिकेट में वह गेंदबाजी कर सकते हैं। उसकी गेंदबाजी में कोई समस्या नहीं है। उन्हें सिर्फ यह समझना है कि किस खिलाड़ी को कौन से लेंथ पर गेंदबाजी करनी है।' 

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