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स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम की जीत के बाद हेड कोच Gautam Gambhir ने युवा ओपनर Abhishek Sharma को लेकर बड़ा खुलासा किया है। टूर्नामेंट की शुरुआत में लगातार तीन मैचों में शून्य पर आउट होने के बावजूद टीम मैनेजमेंट ने अभिषेक पर भरोसा बनाए रखा। गंभीर ने बताया कि उन्होंने युवा बल्लेबाज को डर के बिना अपना स्वाभाविक खेल खेलने की सलाह दी थी।

खराब शुरुआत के बावजूद टीम का भरोसा

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के शुरुआती मुकाबलों में अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था और वह लगातार तीन मैचों में डक पर आउट हो गए थे। इसके बाद उनकी फॉर्म को लेकर काफी सवाल उठने लगे थे। हालांकि टीम मैनेजमेंट ने उन्हें लेकर कोई संदेह नहीं जताया और उन्हें लगातार समर्थन दिया।

गंभीर ने अपने करियर का उदाहरण दिया

गौतम गंभीर ने अभिषेक को समझाने के लिए अपने करियर का एक अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि 2014 के IPL सीजन में वह खुद भी खराब दौर से गुजरे थे और लगातार चार मैचों में शून्य पर आउट हुए थे। गंभीर ने कहा कि कई बार खिलाड़ी फॉर्म में होते हैं, लेकिन रन नहीं बन पाते। इसलिए सिर्फ स्कोरकार्ड देखकर किसी खिलाड़ी का आकलन करना सही नहीं होता।

‘20-30 गेंद खेलने के बाद ही पता चलता है फॉर्म’

गंभीर के अनुसार किसी बल्लेबाज की फॉर्म का सही अंदाजा तब ही लगाया जा सकता है जब वह क्रीज पर कुछ समय बिताए।उन्होंने कहा कि जब तक बल्लेबाज 20 से 30 गेंदों का सामना नहीं करता, तब तक यह कहना मुश्किल होता है कि वह फॉर्म में है या नहीं। इसी वजह से उन्होंने अभिषेक को अगले मैच में और भी ज्यादा आक्रामक खेलने की सलाह दी।

‘पहली गेंद पर छक्का मारना हो तो मारो’

गंभीर ने अभिषेक शर्मा को साफ शब्दों में कहा कि बाहरी आलोचनाओं की चिंता किए बिना अपने खेल पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने कहा, 'अगर तुम्हें लगता है कि पहली ही गेंद पर छक्का मार सकते हो, तो पूरे भरोसे के साथ मारो। बाहर के लोग क्या सोचते हैं, इससे फर्क नहीं पड़ता। सबसे अहम राय ड्रेसिंग रूम में मौजूद लोगों की होती है।'

टीम को था अभिषेक पर पूरा भरोसा

गंभीर ने यह भी स्पष्ट किया कि टीम मैनेजमेंट को अभिषेक शर्मा की क्षमता पर पूरा भरोसा था। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम में हर खिलाड़ी पर विश्वास किया जाता है और कोई भी खिलाड़ी बिना भरोसे के टीम में शामिल नहीं होता।

फाइनल में की शानदार वापसी

टूर्नामेंट की शुरुआत में संघर्ष के बावजूद अभिषेक शर्मा ने बाद में शानदार वापसी की। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 141 रन बनाए, जिसमें दो अर्धशतक शामिल थे। न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में उन्होंने 18 गेंदों में सबसे तेज अर्धशतक जड़कर मैच का रुख बदल दिया और भारत की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई।