स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में भारतीय टीम को बड़ी राहत मिली जब सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने शानदार अर्धशतक लगाकर फॉर्म में वापसी के संकेत दिए। जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए इस अहम मैच में उन्होंने सिर्फ 26 गेंदों पर अर्धशतक जड़ते हुए टीम को तेज शुरुआत दिलाई। पिछले कुछ समय से रन बनाने के लिए जूझ रहे इस युवा बल्लेबाज ने सही समय पर लय हासिल की और आलोचकों को करारा जवाब दिया। अभिषेक ने कुल 30 गेंदों पर 55 रन बनाए जिसमें 4 चौके और 4 छक्के शामिल थे।
प्लेइंग-11 में बदलाव और आक्रामक शुरुआत
जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले से पहले टीम मैनेजमेंट ने प्लेइंग-11 में दो अहम बदलाव किए। Rinku Singh की जगह Sanjju Samson को मौका दिया गया, जबकि Washington Sundar की जगह Axar Patel की टीम में वापसी हुई। ओपनिंग में उतरे अभिषेक और सैमसन ने पहले ही ओवर से आक्रामक रुख अपनाया। दोनों ने पावरप्ले का पूरा फायदा उठाते हुए जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर दबाव बनाया और तेजी से रन बटोरे।
पावरप्ले में बना ऐतिहासिक रिकॉर्ड
भारत ने इस मुकाबले में टी20 विश्व कप इतिहास का अपना दूसरा सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर दर्ज किया। टीम ने शुरुआती छह ओवरों में एक विकेट के नुकसान पर 82 रन बना दिए। यह आंकड़ा न सिर्फ भारत के लिए अहम उपलब्धि रहा, बल्कि टी20 विश्व कप में जिम्बाब्वे के खिलाफ किसी भी टीम द्वारा बनाया गया सर्वाधिक पावरप्ले स्कोर भी बन गया। इस तेज शुरुआत ने मैच की दिशा तय कर दी और भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। शुरुआती ओवरों में रनगति 13 से अधिक की रही, जिसने विपक्षी टीम को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया।
अभिषेक शर्मा का पहला टी20 विश्व कप अर्धशतक
Abhishek Sharma के लिए यह पारी कई मायनों में खास रही। यह उनका टी20 विश्व कप में पहला अर्धशतक था। उन्होंने 30 गेंदों पर 55 रन बनाए, जिसमें चार चौके और चार शानदार छक्के शामिल रहे। उनका स्ट्राइक रेट 180 से ऊपर रहा, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का प्रमाण है। अभिषेक पिछले कुछ मैचों में लगातार संघर्ष कर रहे थे। उनके बल्ले से छह टी20 अंतरराष्ट्रीय पारियों के बाद अर्धशतक निकला है। इससे पहले उन्होंने 25 जनवरी 2026 को न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में नाबाद 68 रन बनाए थे। उस पारी के बाद से वे बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो पा रहे थे।
आलोचनाओं का मिला जवाब
लगातार खराब प्रदर्शन के चलते अभिषेक पर सवाल उठने लगे थे। टीम प्रबंधन भी उनकी फॉर्म को लेकर चिंतित नजर आ रहा था। हालांकि जिम्बाब्वे के खिलाफ इस पारी ने न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ाया, बल्कि टीम मैनेजमेंट का भरोसा भी मजबूत किया। सुपर-8 जैसे अहम चरण में इस तरह की पारी खेलना टीम के लिए बड़ा सकारात्मक संकेत है। इससे भारतीय बल्लेबाजी क्रम को स्थिरता मिलेगी और मध्यक्रम पर दबाव कम होगा।