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स्पोर्ट्स डेस्क : ICC पुरुष टी20 वर्ल्ड कप से पहले ऑस्ट्रेलिया को लेकर चर्चा तेज है। 2021 की चैंपियन टीम एक बार फिर खिताब जीतने के इरादे से मैदान में उतर रही है और क्रिकेट एक्सपर्ट्स उनकी गहराई, मजबूत लीडरशिप और विस्फोटक बल्लेबाजी को बड़ी ताकत मान रहे हैं। टीम में कुछ नए चेहरे जरूर हैं, लेकिन अनुभवी कोर, संतुलित संयोजन और हालिया फॉर्म ने ऑस्ट्रेलिया को टूर्नामेंट की सबसे ख़तरनाक टीमों में शामिल कर दिया है।

टूर्नामेंट की शुरुआत और आत्मविश्वास

डिफेंडिंग चैंपियन ऑस्ट्रेलिया अपने अभियान की शुरुआत नीदरलैंड के खिलाफ वार्म-अप मैच से करेगा, जिसके बाद कोलंबो में आयरलैंड के खिलाफ पहला ग्रुप मैच खेलेगा। टीम में बदलावों के बावजूद आत्मविश्वास में कोई कमी नहीं दिख रही है। चयन में निरंतरता और लंबे समय से तैयार की गई योजना ऑस्ट्रेलिया की पहचान रही है, जो उन्हें बड़े टूर्नामेंट में अलग बनाती है।

नए चेहरे, लेकिन सोची-समझी रणनीति

ऑस्ट्रेलिया की पूर्व क्रिकेटर मेल जोन्स ने टीम के बदलते स्वरूप पर बात करते हुए कहा कि नए नाम भले ही अभी बड़े सितारों जितने लोकप्रिय न हों, लेकिन वे एक दीर्घकालिक योजना का हिस्सा हैं। बेन ड्वारशुइस और ज़ेवियर बार्टलेट जैसे खिलाड़ी अब स्टीव स्मिथ या डेविड वॉर्नर जितने चर्चित नहीं हैं, लेकिन उन्होंने ग्लोबल फ्रेंचाइजी क्रिकेट में खुद को तैयार किया है। नाथन एलिस जैसे खिलाड़ियों को भी लंबे समय बाद बड़ा मंच मिला है। 

जोन्स के मुताबिक कोच एंड्रयू मैकडॉनल्ड और कप्तान मिशेल मार्श की मौजूदगी टीम को स्थिरता देती है। ऑस्ट्रेलिया अचानक बड़े बदलाव नहीं करता, बल्कि खिलाड़ियों को सही समय पर तैयार रखता है। यही वजह है कि नए चेहरों के बावजूद टीम संतुलित और भरोसेमंद दिखती है। 

मिशेल मार्श की कप्तानी: टीम की सबसे बड़ी ताकत

कप्तान मिशेल मार्श की लीडरशिप को लेकर भी काफी सकारात्मक प्रतिक्रियाएं आई हैं। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन का मानना है कि मार्श की पर्सनैलिटी ही उन्हें एक प्रभावशाली कप्तान बनाती है। खिलाड़ी उनसे जुड़ाव महसूस करते हैं और उनके लिए खेलना चाहते हैं। 

हुसैन ने कहा कि मार्श उदाहरण पेश करके नेतृत्व करते हैं। टॉप ऑर्डर में उनकी बल्लेबाज़ी शानदार रही है और T20 फॉर्मेट में वह टीम को तेज शुरुआत देने में सक्षम हैं। कप्तानी ने उनके खेल में एक नया आयाम जोड़ा है, खासकर बल्लेबाज़ी में उनका आत्मविश्वास साफ झलकता है। 

बैटिंग पावर से डराता ऑस्ट्रेलिया

वेस्टइंडीज के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ इयान बिशप ने ऑस्ट्रेलिया को “सबसे डरावनी टीमों में से एक” बताया है। उनके मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाज़ी ऐसी स्थिति में पहुंच चुकी है जहां छक्के मारना सामान्य बात हो गई है। भारत जैसे देशों में छोटे मैदान इस ताकत को और खतरनाक बना देते हैं। 

बिशप ने टिम डेविड, कैमरन ग्रीन, मिशेल मार्श और जोश इंग्लिस का उदाहरण देते हुए कहा कि जब यह बल्लेबाज़ी क्रम चलता है, तो किसी भी टीम को तहस-नहस कर सकता है। साथ ही, एडम ज़म्पा जैसे अनुभवी स्पिनर और संतुलित गेंदबाज़ी आक्रमण टीम को अतिरिक्त बढ़त देते हैं।