नई दिल्ली। सुनील गावस्कर ने T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत की टीम बनाने की रणनीति पर चिंता जताई है। उनका मानना है कि टीम के ढांचे में एक ऐसी कमजोरी है, जिसकी वजह से भारत को मैच हारने पड़ रहे हैं। पूर्व भारतीय कप्तान का यह विश्लेषण मुख्य कोच गौतम गंभीर के नेतृत्व वाले मौजूदा सेटअप में बल्लेबाजी और गेंदबाजी संसाधनों के बीच संतुलन पर केंद्रित है। गंभीर ने जुलाई 2024 में पुरुष टीम की कमान संभाली थी। उनकी यह टिप्पणी वेस्टइंडीज के खिलाफ हाल ही में खेली गई T20I सीरीज के संदर्भ में आई है। 9 अक्टूबर 2026 को रांची में खेले गए दूसरे मैच में, वेस्टइंडीज ने 18.3 ओवर में 249 रनों के लक्ष्य को हासिल कर छह विकेट से जीत दर्ज की। इसके साथ ही पांच मैचों की यह सीरीज 1-1 से बराबर हो गई।
जियोस्टार पर बात करते हुए गावस्कर ने कहा, "हमें गेंदबाजी देखने को ही नहीं मिली। यह देखना दिलचस्प होता कि इस नौ ओवर के मैच में भारतीय गेंदबाजों ने कैसी गेंदबाजी की। इस सीरीज से सबसे बड़ी सीख यह है कि टीम को अपनी गेंदबाजी में कम से कम चार नियमित गेंदबाजों को शामिल करना चाहिए।" उन्होंने आगे कहा, "पांचवें और छठे गेंदबाज के रूप में आप ऑलराउंडरों को रख सकते हैं, जो बल्लेबाजी भी कर सकें। जैसे नमन धीर, जो मुख्य रूप से बल्लेबाज हैं, लेकिन आकर दो-तीन ओवर गेंदबाजी कर सकते हैं। या फिर अक्षर पटेल, जो अपने चार ओवर पूरे कर सकते हैं।"
भारत को चार विशेषज्ञ गेंदबाजों और दो ऑलराउंडरों की जरूरत क्यों?
गावस्कर ने T20 इंटरनेशनल में भारत की मौजूदा टीम संरचना की मुख्य समस्या की पहचान की है। उनका मानना है कि प्लेइंग इलेवन में आठ बल्लेबाजों को चुनने से एक असंतुलन पैदा होता है, जो सीधे तौर पर टीम की गेंदबाजी ताकत को कमजोर करता है। इस दिग्गज क्रिकेटर ने बताया कि वेस्टइंडीज के खिलाफ हालिया मैचों में यह ढांचागत कमी किस तरह सामने आई है। उन्होंने कहा, "कभी-कभी हम हार्दिक पांड्या का विकल्प खोजने के चक्कर में कुछ ज्यादा ही आगे निकल जाते हैं। हार्दिक पांड्या की जगह कोई नहीं ले सकता। अगर आपको उनके स्तर का कोई खिलाड़ी नहीं मिल रहा है, तो किसी ऐसे खिलाड़ी को चुनें जो थोड़ा अलग तरह की भूमिका निभा सके।"
गावस्कर ने कहा, "जब आप 8वें नंबर तक बल्लेबाजी करते हैं, तो आपकी गेंदबाजी कमजोर हो जाती है, और यहीं पर आपको हार का सामना करना पड़ता है।" इसी पैनल चर्चा में, भारत के पूर्व बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने भी भारतीय गेंदबाजी यूनिट को लेकर अपनी राय रखी। पुजारा ने सही स्पिन संयोजन (कॉम्बिनेशन) चुनने के महत्व पर जोर दिया और कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि भारतीय टीम में स्पिनरों को अपनी भूमिका के बारे में पूरी स्पष्टता हो।