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नयी दिल्ली : दक्षिण अफ्रीका, कोरिया और कीनिया उन 16 देशों में शामिल हैं जिन्होंने पिछले कुछ समय में भारत के परंपरागत खेल खो खो सीखने में दिलचस्पी दिखायी है और इस मामले में भारतीय संघ उनकी मदद कर रहा है। भारतीय खो खो महासंघ के महासचिव महेंद्र सिंह त्यागी ने शुक्रवार को इसका खुलासा करते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण लगाये गये लॉकडाउन से पहले इन देशों के प्रतिनिधि भारत दौरे पर आये थे और इस दौरान उन्होंने इस खेल की बारीकियां सीखी थी।

त्यागी ने कहा- दक्षिण अफ्रीका, कीनिया और कोरिया सहित 16 देशों के प्रतिनिधि खो खो के नियमों और बारीकियों को समझने के लिये भारत दौरे पर आये थे। हमने उन्हें खेल का तकनीकी ज्ञान मुहैया कराया था। उन्होंने कहा- हमारी खो खो का अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट आयोजित करने की योजना थी लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण फिलहाल इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है। त्यागी ने बताया कि भारत परिस्थितियां अनुकूल होने पर विश्व चैंपियनशिप की मेजबानी करने की योजना भी बना रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘हाल में एशियाई चैम्पियनशिप के दौरान जकार्ता में, खो खो को आधिकारिक मान्यता मिली। हमारी विश्व चैम्पियनशिप की मेजबानी करने की भी योजना है। इस साल नवंबर में खो खो लीग का आयोजन किया जाना था लेकिन कोविड-19 के कारण इसे स्थगित कर दिया गया।

इस साल खो खो खिलाड़ी सारिका काले को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया और त्यागी ने कहा कि इससे युवा इस खेल से जुड़ने के लिये प्रेरित होंगे। उन्होंने कहा- इस तरह के बड़े पुरस्कारों से खिलाड़ियों और महासंघों का मनोबल बढ़ता है। मैं सारिका को इस पुरस्कार के लिए बधाई देता हूं और इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए खो खो खिलाड़ी चुनने के लिए खेल मंत्रालय का आभार व्यक्त करता हूं।

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